महर्षि टाइम्स
बलिया। राज्य विश्वाविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) का लाभप्रद उपयोग करने के उद्देश्य से छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में राज्य विश्वविद्यालयों को दो दिवसीय 'ए.आई. मंथन 2.0/ ए. आई. शिखर सम्मेलन' आयोजित किया गया। उक्त आयोजन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल के नेतृत्व में कुलसचिव एस. एल. पाल, डॉ. पुष्पा मिश्रा, शैक्षणिक निदेशक, डॉ. प्रियंका सिंह, आई.क्यू.ए.सी. हेड, हर्ष त्रिपाठी एवं कन्हैया पाण्डेय की टीम ने सहभागिता की। इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न आयामों, शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य, कृषि, शासन, रोजगार एवं तकनीकी विकास में इसकी संभावनाओं सहित विश्वविद्यालय प्रशासन में एआई की उपयोगिता पर देशभर से आए विशेषज्ञों व शिक्षाविदों द्वारा विचार-विमर्श किया गया। एआई मंथन-2.0 का उद्देश्य एआई को उच्च शिक्षा की व्यवस्थाओं से जोड़ते हुए नई दिशा में आगे बढ़ना था। इसमें उच्च शिक्षा, कृषि एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए क्षेत्र-विशिष्ट एआई मॉडल, एआई उत्पादों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा हुई। डाटा एनालिटिक्स और एआई के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के बीच की खाई को पाटने पर भी विचार- विमर्श हुआ। भविष्य में एआई आधारित करियर एक्सेलेरेटर, स्टार्टअप इंजन, स्मार्ट कंटेंट जेनरेशन टूल, स्वचालित ग्रेडिंग प्रणाली तथा एआई समर्थित प्रवेश प्रक्रिया जैसी व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर कार्य करने पर विचार किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल महोदया के निर्देश पर सभी राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा अकादमिक, प्रशासनिक प्रगति एवं भविष्य की कार्य योजनाओं के सन्दर्भ में अपनी प्रस्तुति दी। जेएनसीयू के कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने भी विश्वविद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों, नवाचारों तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रेजेन्टेशन दिया।

