लखनऊ में आयोजित समारोह में 10 राज्यों के करीब 1500 प्रतिनिधियों ने लिया भाग
ओमप्रकाश वर्मा
नगरा (बलिया)। लखनऊ स्थित अटल बिहारी सभागार, केजीएमयू में रविवार को सत्य शोधक समाज के 153वें स्थापना दिवस एवं महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश के 10 राज्यों से पहुंचे करीब 1500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन भंते सुमित रत्न के नेतृत्व में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव यशवंत आंबेडकर रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. सुवचन राम आईआरएस, पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त, मुंबई ने की।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख प्रबोधन कारों ने महात्मा ज्योतिबा फुले के सामाजिक चिंतन, शिक्षा, समानता और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा फुले के विचार आज भी सामाजिक समरसता और समानता के लिए प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में मान्यवर राजकुमार सैनी, चंद्रभूषण सिंह यादव, आर.आर. फुलिया आईएएस (सेवानिवृत्त), केशव मान शाक्य, नेपाल के बीर बहादुर महतो, सत्य शोधक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश मौर्य, कैप्टन प्रवीण निखाडे (उपायुक्त, सीजीएसटी ), डॉ. जय प्रकाश (सीएंडएमडी , आईआईबीएस , बेंगलुरु), आरपीआई के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राकेश मौर्य समेत 25 अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार समारोह का उद्देश्य सत्य शोधक समाज की विचारधारा तथा महात्मा ज्योतिबा फुले के सामाजिक परिवर्तन, शिक्षा और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता से कार्यक्रम काफी प्रभावशाली रहा और आयोजन को सफल बताया गया।


