कागजात और मालिकाना हक का होगा सत्यापन, पांच नए लेखपालों की तैनाती से सर्वे को मिलेगी गति
महर्षि टाइम्स भूपेंद्र श्रीवास्तव
नोएडा । नए नोएडा के विकास की दिशा में जमीन सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप लगाकर जमीन के कागजात, मालिकाना हक और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती की गई है। सर्वे के दौरान जमीन की वर्तमान स्थिति से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी, ताकि आगे जमीन खरीद की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करना और वास्तविक भूमि मालिक की पहचान सुनिश्चित करना है। इसी को देखते हुए सर्वे के साथ राजस्व अभिलेखों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जमीन के दस्तावेजों में किसी तरह की कमी या विसंगति मिलने पर उसे भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा, ताकि भविष्य में जमीन खरीद और विकास कार्यों के दौरान विवाद की स्थिति न बने।
किसानों को कैंप में मिलेगी जानकारी
प्राधिकरण की ओर से गांवों में लगाए जाने वाले कैंप में किसानों से जमीन से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही उनकी समस्याओं और सवालों को भी दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों का प्रयास है कि जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू होने से पहले किसानों को पूरी प्रक्रिया और उन्हें मिलने वाले लाभ की जानकारी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए।
कैंप के माध्यम से किसानों को अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे जमीन के दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का समय रहते पता लगाने और उनका समाधान करने में मदद मिलेगी।
व्यवस्थित विकास की तैयारी
नए नोएडा की योजना को क्षेत्र के भविष्य के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रस्तावित क्षेत्र में व्यवस्थित विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक शहरी ढांचे को विकसित करने की योजना है। ऐसे में जमीन की उपलब्धता और उसके रिकॉर्ड का सही होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले चरण में 31 गांवों में सर्वे और रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन खरीद से जुड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। प्राधिकरण की कोशिश है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों की भागीदारी अहम
नए नोएडा के विकास की योजना में किसानों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जमीन खरीद से पहले किसानों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी देना और उनकी शंकाओं का समाधान करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। गांवों में कैंप लगाने से किसानों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती के बाद 31 गांवों में जमीन सर्वे का काम और तेज होने की संभावना है। सर्वे में जमीन के कागजात, मालिकाना हक, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर जमीन खरीद की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
जमीन सर्वे को नए नोएडा के विकास की आधारभूत प्रक्रिया माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे जमीन खरीद, विकास कार्यों और किसानों से जुड़े लाभ की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
