चंडीगढ़ से ट्रांसप्लांट के लिए लाया गया हृदय हिंडन एयरपोर्ट से फोर्टिस सेक्टर-62 पहुंचा, हर सेकंड रहा अहम
महर्षि टाइम्स भूपेंद्र श्रीवास्तव
नोएडा। किसी मरीज के लिए जिंदगी की उम्मीद बने हृदय को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की। चंडीगढ़ से हृदय को ट्रांसप्लांट के लिए हिंडन एयरपोर्ट लाया गया। वहां से फोर्टिस अस्पताल, सेक्टर-62 तक पहुंचाने के लिए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। पुलिस की व्यवस्था के चलते करीब 20 किलोमीटर की दूरी महज 16 मिनट में तय कर हृदय को अस्पताल पहुंचाया गया।
हर सेकंड था महत्वपूर्ण
हृदय को अस्पताल तक समय पर पहुंचाना पुलिस और ट्रैफिक विभाग के सामने बड़ी चुनौती थी। सामान्य यातायात के बीच एंबुलेंस को बिना किसी अनावश्यक रुकावट के गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने पहले से यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। निर्धारित मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित कर एंबुलेंस के लिए निर्बाध रास्ता तैयार किया गया।
ग्रीन कॉरिडोर के दौरान पुलिसकर्मी लगातार यातायात को नियंत्रित करते रहे, ताकि एंबुलेंस को कहीं रुकना न पड़े। इसका परिणाम रहा कि करीब 20 किलोमीटर का सफर 16 मिनट में पूरा कर हृदय को फोर्टिस अस्पताल पहुंचा दिया गया।
कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में मानवीय पहल
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट पुलिस कानून-व्यवस्था के साथ जनसेवा से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। हृदय को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर पुलिस के इसी मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
इस अभियान में ट्रैफिक पुलिस के सामने सिर्फ यातायात संभालने की चुनौती नहीं थी, बल्कि हर सेकंड की अहमियत को देखते हुए एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना भी जरूरी था। पुलिस, एंबुलेंस, अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय से अभियान सफल हुआ।
कमिश्नरेट क्षेत्र में पहली बार हृदय के लिए ग्रीन कॉरिडोर
पुलिस के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट क्षेत्र में पहली बार हृदय प्रत्यारोपण के लिए इस तरह ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हृदय को अस्पताल तक पहुंचाया गया। अभियान के सफल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन, स्टाफ और मरीज के परिजनों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की।
इस पूरी व्यवस्था में यातायात पुलिसकर्मियों ने मार्ग को लगातार खाली रखा और एंबुलेंस की गति बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। आपात स्थिति में बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय के कारण हृदय को कम समय में अस्पताल पहुंचाना संभव हो सका।
खाकी का दिखा मानवीय चेहरा
पुलिस की वर्दी को आमतौर पर कानून, अनुशासन और सख्ती से जोड़ा जाता है, लेकिन इस अभियान में खाकी का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला। जिस एंबुलेंस में हृदय अस्पताल ले जाया जा रहा था, उसके साथ एक मरीज की जिंदगी की उम्मीद जुड़ी थी। पुलिसकर्मियों ने इसी संवेदनशीलता को समझते हुए यातायात व्यवस्था संभाली और रास्ते को निर्बाध बनाए रखा।
‘अंगदान महादान’ का संदेश
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इस अवसर पर लोगों को ‘अंगदान महादान’ का संदेश भी दिया। पुलिस की ओर से कहा गया कि अंगदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को जीवन का नया अवसर मिल सकता है। अंग प्रत्यारोपण जैसे मामलों में चिकित्सा संस्थानों के साथ पुलिस और प्रशासन की तत्परता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
20 किलोमीटर की दूरी महज 16 मिनट में तय कर हृदय को अस्पताल पहुंचाने का यह अभियान गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस की तत्परता, बेहतर यातायात प्रबंधन और मानवीय संवेदनशीलता का उल्लेखनीय उदाहरण बनकर सामने आया है।
