भूपेन्द्र श्रीवास्तव
नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होने वाली महत्वाकांक्षी 'नया नोएडा' परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पहले चरण में 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीदने के लिए राजस्व विभाग के पांच नव-नियुक्त लेखपाल गांवों में सर्वेक्षण कर रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सतीश पाल के निर्देश पर सर्वे कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
209.11 वर्ग किलोमीटर में विकसित होगा नया शहर
नया नोएडा परियोजना को 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे आधुनिक औद्योगिक, आवासीय और लॉजिस्टिक हब के रूप में तैयार करने की योजना है। परियोजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी, उद्योगों और निवेश की जरूरतों को पूरा करने के साथ रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
24 गांव बुलंदशहर और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर के
भूमि अधिग्रहण के पहले चरण में कुल 37 गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें बुलंदशहर जिले के 24 और गौतमबुद्ध नगर जिले के 13 गांव हैं। लेखपालों की टीम राजस्व अभिलेखों का सत्यापन, खसरा-खतौनी की जांच, भूमि की वर्तमान स्थिति, मालिकाना हक तथा आबादी क्षेत्र का सर्वे कर रही है, ताकि भूमि खरीद की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
किसानों को मिलेगा मुआवजा और विकसित भूखंड
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार किसानों से भूमि पूरी तरह आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी। इसके तहत किसानों को ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही ₹3,800 प्रति वर्गमीटर और 7 प्रतिशत विकसित भूखंड देने का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे किसानों को भविष्य में विकास का लाभ मिल सके।
18 अक्टूबर 2024 के बाद का निर्माण नहीं होगा मान्य
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि 18 अक्टूबर 2024 के बाद किए गए निर्माण को वैध नहीं माना जाएगा। ऐसे निर्माण का सत्यापन सैटेलाइट इमेज के माध्यम से किया जाएगा। यदि निर्माण निर्धारित तिथि के बाद का पाया गया तो उसे आबादी क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाएगा और उस पर किसी प्रकार का मुआवजा भी नहीं मिलेगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया नोएडा
परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के बाद गांवों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने की योजना है। इससे नया नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक प्रमुख औद्योगिक, परिवहन और लॉजिस्टिक केंद्र बन सकेगा।
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी (भू-राजस्व) क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि परियोजना को गति देने के लिए पांच लेखपालों की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नया नोएडा क्षेत्र के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा तथा इसे देश के प्रमुख औद्योगिक, आवासीय और निवेश केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
