निदेशक अभियोजन ने गवाही वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किए जाने पर विशेष जोर देने के दिए निर्देश l

MAHARSHI TIMES
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महर्षि टाइम्स 

बलिया। उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप आपराधिक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने और अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के उद्देश्य से निदेशक अभियोजन, उत्तर प्रदेश, श्री ललित मुदगल द्वारा जनपद बलिया का आधिकारिक दौरा किया गया। जनपद मुख्यालय पहुँचने पर अभियोजन अधिकारियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान उन्होंने अभियोजन कार्यालय में जनपद के समस्त शासकीय अधिवक्ताओं (डीजीसी, एडीजीसी) और अभियोजन अधिकारियों (एसपीओ, एपीओ) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु एवं कड़े निर्देशः

महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance): निदेशक महोदय ने निर्देश दिया कि पॉक्सो (POCSO), दुष्कर्म और महिलाओं से संबंधित अन्य गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द से जल्द ऐतिहासिक सजा दिलाई जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही को बढ़ावाः गवाहों की सुरक्षा और समय की बचत के लिए पीड़ितों, डॉक्टरों और पुलिस कार्मिकों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से कराने पर विशेष जोर दिया गया। इससे न केवल गवाहों को सुरक्षित माहौल मिलता है, बल्कि सरकारी राजस्व की भी भारी बचत होती है। फरार आरोपियों पर सख्त रुखः श्री ललित मुदगल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई आरोपी विचारण (ट्रायल) प्रक्रिया के दौरान फरार हो जाता है, तो कानून के नए प्रावधानों के तहत ट्रायल रुकेगा नहीं, बल्कि कोर्ट की कार्यवाही निरंतर चलती रहेगी। माफिया व संगठित अपराधों पर प्रहारः गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में बिना किसी शिथिलता के कड़ी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। सीएम डैशबोर्ड पर डेटा फीडिंगः शासन की मंशा के अनुरूप चिह्नित माफियाओं और गंभीर वादों के निस्तारण का विवरण मुख्यमंत्री (CM) डैशबोर्ड पर तत्काल और त्रुटिहीन तरीके से फीड करने के निर्देश दिए गए। धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को राहतः छल-कपट और आर्थिक धोखाधड़ी के माध्यम से अर्जित संपत्ति वाले मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई कर पीड़ितों का पैसा वापस कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। बैठक में मुख्य रूप से संयुक्त निदेशक अभियोजन श्री दिनेश त्रिपाठी, जिला शासकीय अधिवक्ता श्री संजीव सिंह व अन्य ए.डी.जी.सी., ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी श्री पी.एन. स्वामी सहायक अभियोजन अधिकारी श्री वीरपाल सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ जनपद के समस्त अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी), लोक अभियोजक और सहायक अभियोजन अधिकारी भी बैठक में सम्मिलित हुए। निदेशक महोदय ने सभी शासकीय अधिवक्ताओं व अधिकारियों के साथ एक-एक कर लम्बित वादों और पैरवी की स्थिति की गहन समीक्षा की।

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