महर्षि महेश
बलिया। विश्व हिंदू परिषद की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी के शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु सात दिवसीय चलने वाले प्रशिक्षण वर्ग हेतु जिला संयोजिका बबली मिश्रा के नेतृत्व में कुल आठ बहनें प्रशिक्षण हेतु रवाना हुई। दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग कुल सात दिनों तक चलने वाला अनवरत कार्यक्रम है जिसमें समाज के वर्तमान परिवेश में हिंदू बहनों को परिस्थितियों के गंभीरता से निपटने हेतु एवं स्वयं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने हेतु कार्यक्रम है जिसमें बहनों को विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लट्ठ, तलवार नियुद्ध जैसी कलाएं सिखाई जाएंगी। इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री मंगल देव चौबे ने कहा कि आज के वर्तमान परिवेश को देखते हुए जहां अभी कल ही रेलवे स्टेशन पर एक जिहादी भिखारी के फोन में से डेढ़ सौ से ज्यादा हिंदू महिलाओं के चित्र मिले ।हाल ही में कर्नाटक में हुए जिहादी कांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए एवं बहनों को सशक्त बनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद प्रत्येक वर्ष शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन करता है। इस बार इस प्रशिक्षण हेतु बलिया से कुल आठ बहनें रवाना हुई जो वापस आकर अपने क्षेत्र में विभिन्न आयामों की बहन हेतु मार्गदर्शिका का कार्य करेगी। इसके पश्चात दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका बबली मिश्रा ने कहा कि अब राष्ट्र में महिलाओं पर शोषण होना लव जिहाद, दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना होगा इसके लिए दुर्गा वाहिनी सदैव तत्पर रहा है। आज के समय में जहां पर पहले हिंदू बहनों को कमजोर समझा जाता था आज यही बहनें सर्वश्रेष्ठ स्तर पर पहुंच चुकी है इसका मुख्य कारण है उनकी आत्म शक्ति। बहनों की इसी आत्म शक्ति को जागने के लिए दुर्गा वाहिनी प्रत्येक वर्ष अपना प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करता है। इस बार भी बहनें प्रशिक्षण वर्ग में जा रही है जो की पुरे बलिया जिले के लिए मानक का कार्य करेंगी।
