ग्रामीणों ने जताई आशंका बरसात और बाढ़ में फिर बह सकती है पुलिया, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप।
अजीत कुमार सिंह
बैरिया (बलिया)। सरयू नदी के तटवर्ती इलाके में अवैध मिट्टी खनन एक बार फिर बड़े खतरे का संकेत दे रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शिवाल मठिया, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर और मानगढ़ गांवों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पुलिया का एप्रोच मार्ग खनन माफियाओं के निशाने पर है। आरोप है कि ट्रैक्टर और लोडर मशीनों की मदद से पुलिया के दोनों ओर की मिट्टी काटकर बेची जा रही है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी बरसात और बाढ़ में पुलिया का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। हजारों लोगों के आवागमन का मुख्य सहारा बनी यह पुलिया पहले भी दो बार सरयू की तेज धारा में बह चुकी है। इसके बाद सरकार ने भारी लागत से दोबारा पुलिया का निर्माण कराया था, ताकि तटवर्ती गांवों का संपर्क बना रहे। शिवाल मठिया निवासी राकेश सिंह ने बताया कि पुराने पुल के समीप करोड़ों रुपये की लागत से नया पुल भी बनाया गया है, लेकिन एप्रोच मार्ग की लगातार कटान से बाढ़ के दौरान नदी की धारा सीधे पुल के पाये और एप्रोच से टकरा सकती है। इससे नए पुल को भी भारी क्षति पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक खनन माफिया दिन-रात मिट्टी कटान कर रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खनन माफियाओं के दबाव और भय के कारण कई लोग खुलकर विरोध करने से भी कतरा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बाढ़ विभाग और सेतु निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल तब सक्रिय होता है, जब बाढ़ आ जाती है या पुल क्षतिग्रस्त हो जाता है। यदि समय रहते एप्रोच मार्ग को सुरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ी दुर्घटना और आवागमन संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अवैध मिट्टी खनन पर तत्काल रोक लगाने, एप्रोच मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पुल की तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाके के हजारों लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी बैरिया से सम्पर्क किया गया लेकिन उनका नंबर पर संपर्क नहीं हुआ।
