ओमप्रकाश वर्मा
नगरा(बलिया)। क्षेत्र में लगातार हो रही रात्रिकालीन विद्युत कटौती को लेकर शनिवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रसड़ा पावर हाउस पहुंचकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में मंडल उपाध्यक्ष धर्मराज सिंह “विक्की”, मंडल महामंत्री संतोष पाण्डेय, मंडल उपाध्यक्ष दिलीप सिंह तथा मंडल मंत्री कृष्णा कुशवाहा शामिल रहे। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नगरा क्षेत्र में किसी प्रकार की स्थानीय रोस्टर कटौती लागू नहीं है। विभागीय रजिस्टर दिखाते हुए अधिकारियों ने कहा कि रात्रि में हो रही बिजली कटौती का नियंत्रण सारनाथ कंट्रोल रूम से किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने जब सारनाथ कंट्रोल रूम से बातचीत की तो वहां से जानकारी दी गई कि यह समस्या केवल नगरा या रसड़ा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में अत्यधिक गर्मी और बढ़ते विद्युत भार के कारण रात्रिकालीन कटौती की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि दिन में बड़ी संख्या में सोलर प्लांट संचालित रहने से बिजली का लोड कम रहता है, जबकि रात में सोलर बंद होने से अचानक लोड बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में मशीनों पर दबाव बढ़ने से तकनीकी खराबी और ब्लैक आउट का खतरा बना रहता है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर कटौती करनी पड़ रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कटौती का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है। जब भी विद्युत मशीनों पर अधिक भार पड़ता है, उसी समय सप्लाई बाधित करनी पड़ती है। विभाग ने भरोसा दिलाया कि स्थिति को नियंत्रित करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है तथा मौसम में बदलाव और बारिश होने के बाद समस्या में सुधार होने की संभावना है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि जनता की समस्या को देखते हुए विभागीय अधिकारियों से लगातार संवाद किया जा रहा है और आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें तथा गर्मी के इस मौसम में सतर्क रहें। वहीं भाजपा नेता धर्मराज सिंह “विक्की” ने बताया कि अधिकारियों से वार्ता के दौरान यह जानकारी भी मिली कि वर्तमान में नगरा नगर पंचायत क्षेत्र को अलग शहरी विद्युत आपूर्ति श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। अभी नगर क्षेत्र में देहाती फीडर के माध्यम से लगभग 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिसमें आवश्यकतानुसार कटौती की जाती है। अधिकारियों के अनुसार यदि नगर पंचायत नगरा का नाम अलग से शहरी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में अंकित हो जाता है तो क्षेत्र में करीब चार घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
