अजीत कुमार सिंह
बैरिया बलिया। बैरिया तहसील क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार किस कदर जड़ें जमा चुका है, इसका बड़ा खुलासा दोकटी पुलिस की कार्रवाई में हुआ है। पुलिस ने 22 लाख रुपये कीमत की 3105 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब से लदी पिकअप बरामद की है। लेकिन इस कार्रवाई ने जितने सवाल शराब माफियाओं पर खड़े किए हैं, उससे कहीं ज्यादा सवाल पुलिस और स्थानीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बलिया पुलिस लगातार “विशेष अभियान” चलाने का दावा कर रही है, तब आखिर इतनी बड़ी खेप खुलेआम बैरिया क्षेत्र से होकर गैरप्रांत भेजने की तैयारी कैसे हो रही थी? क्या शराब तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें पुलिस का बिल्कुल डर नहीं रह गया, या फिर कहीं न कहीं सिस्टम की चुप्पी ही उनके लिए सुरक्षा कवच बनी हुई है? मंगलवार देर रात दोकटी थाना पुलिस गश्त और वाहन चेकिंग में जुटी थी। इसी दौरान शोभा छपरा-बैरिया मार्ग से मठ धजु गिरि की मठिया लक्ष्मण छपरा मार्ग पर एक संदिग्ध पिकअप दिखाई दी। पुलिस को देखते ही चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। यह भी अपने आप में बड़ा सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई के दौरान मुख्य तस्कर पुलिस के हाथ क्यों नहीं लगा? जब पुलिस ने तिरपाल हटाकर तलाशी ली तो अंदर शराब का जखीरा देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। पिकअप में बीयर, 8 पीएम, ऑफिसर च्वाइस, रॉयल स्टैग, ब्लेंडर प्राइड और आफ्टर डार्क समेत कई नामी ब्रांडों की कुल 300 पेटियां बरामद हुईं। कुल शराब की मात्रा 3105 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई है। सूत्रों की मानें तो बैरिया क्षेत्र लंबे समय से शराब तस्करों के लिए “सेफ कॉरिडोर” बनता जा रहा है। बिहार सीमा से सटे इलाके होने के कारण यहां से शराब की खेपों का खेल लगातार फल-फूल रहा है। ग्रामीण इलाकों और बंधों के रास्तों का इस्तेमाल कर तस्कर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या केवल छोटे स्तर की कार्रवाई कर पुलिस अपने अभियान की सफलता दिखाना चाहती है, जबकि शराब माफियाओं का असली नेटवर्क अब भी पकड़ से बाहर है? पुलिस ने पिकअप वाहन संख्या UP60CT4708 को सीज करते हुए वाहन स्वामी प्रदीप कुमार वर्मा निवासी बहादुरपुर कारी, बलिया और अज्ञात चालक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन इलाके में चर्चा इस बात की ज्यादा है कि आखिर इस अवैध कारोबार के पीछे कौन लोग हैं, जो लाखों की शराब बेखौफ होकर सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचा रहे हैं? फिलहाल दोकटी पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इस बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि बैरिया क्षेत्र में शराब माफियाओं का नेटवर्क अभी भी पूरी तरह सक्रिय है और पुलिस की तमाम सख्ती के बावजूद तस्कर सिस्टम को खुली चुनौती दे रहे हैं।
