नैनो उर्वरकों पर आधारित सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

MAHARSHI TIMES
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महर्षि टाइम्स जितेन्द्र सिंह 

बलिया। जनपद के विकास भवन सभागार में नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी तरल पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अथिति जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विनोद शंकर दुबे , सहायक आयुक्त एवं सहायक सहकारिता निबंधक लाल बहादुर मल्ल रहें । वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक इफको गोरखपुर डॉ विनोद कुमार सिंह द्वारा सभागार में उपस्थित सभी केंद्र प्रभारी एवं प्रगतिशील कृषकों को नैनो उर्वरकों के प्रयोग विधि एवं लाभ के बारे में जानकारी दी गई।

नैनो डीएपी तरल का प्रयोग किसान बीज शोधन 5 मिलीलीटर / किलोग्राम बीज की दर से एवं जड़ शोधन 5 मिलीलीटर/ लीटर के दर से करे तथा आलू की फसल में 10 मिलीलीटर/ लीटर पानी से कंद उपचार करें एवं दानेदार डीएपी की मात्रा आधी प्रयोग करे और  30-35 दिन बाद जब फसल पर पत्तियां आ जाए तो फसलों में 4 मिलीलीटर/ लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करे । 

*नैनो डीएपी के लाभ*

 पारंपरिक डीएपी से सस्ता (600 रु प्रति बोतल)। मिट्टी, जल एवं वायु प्रदूषण में कमी। भंडारण एवं परिवहन में सुविधा । पर्यावरण हितैषी। फसल उपज एवं गुणवत्ता में वृद्धि । 

नैनो यूरिया प्लस रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाकर बेहतर पोषण व गुणवत्तायुक्त उत्पादन बढ़ाता है। नैनो यूरिया प्लस का प्रयोग फसल जब 30 से 35 दिन की हो जाए तो पत्तियों पर 4 मिलीलीटर /लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करे और दूसरा छिड़काव पहले छिड़काव के 15 से 20 दिन बाद करे एवं दानेदार यूरिया का प्रयोग केवल पहली टापड्रेसिंग में ही करे शेष नाइट्रोजन की पूर्ति नैनो यूरिया प्लस के माध्यम से करे । इसके प्रयोग से पौधों को जब नाइट्रोजन की पूर्ति पत्तियों के माध्यम से हो जाएगी तो खरपतवार पर भी अंकुश लगेगा, फसल उपज एवं गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है । नैनो यूरिया प्लस की 500 ml की एक बोतल एक एकड़ क्षेत्रफल के लिए पर्याप्त है । जनपद बलिया के सभी किसानो से आग्रह है कि दानेदार उर्वरकों का प्रयोग कम करते हुए नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी का प्रयोग अवश्य करे । सभी किसान भाई द्वितीय एवं तृतीय टापड्रेसिंग में  नैनो यूरिया प्लस या नैनो यूरिया प्लस तथा नैनो डीएपी का एक साथ घोल बनाकर छिड़काव अवश्य करे इससे फसल उपज एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है ।सभी किसान भाई नैनो उर्वरकों का प्रयोग करे ।इसके प्रयोग से लागत में भी कमी आएगी और गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी।  सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता द्वारा सभी सचिव को निर्देशित किया गया कि कृषकों को नैनो उर्वरकों की बिक्री प्रयोग विधि एवं लाभ की जानकारी देते हुए की जाए साथ ही कृषकों के खेत में अधिक से अधिक नैनो उर्वरकों का प्रदर्शन कर उसके परिणामों को दिखाया जाए तथा जनपद में आए सभी ड्रोन का उपयोग करते हुए नैनो उर्वरकों का छिड़काव कृषकों के खेत में अधिक से अधिक किया जाए।

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