रुक-रुक कर हो रही बारिश से खेतों में आई नमी, किसानों के चेहरे खिले
रजनीश श्रीवास्तव
बलिया जनपद के सिकंदरपुर क्षेत्र में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। बीते कुछ दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने खेतों में जरूरी नमी ला दी है, जिससे किसानों ने धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है। खेतों में किसानों की चहल-पहल फिर से लौट आई है और गांवों में खेती-किसानी का दृश्य देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि जून के आखिरी सप्ताह तक मानसून की सुस्ती और उमस ने उन्हें चिंता में डाल रखा था। कई जगहों पर नहरों और बारिश के पानी के अभाव में खेत सूखे पड़े थे, लेकिन अब जुलाई के मध्य तक लगातार हो रही हल्की और मध्यम बारिश से हालात बदलने लगे हैं।
घूरी बाबा के टोला गांव के किसान कमलेश यादव यादव बताते हैं, “अब खेतों में भरपूर नमी है। हल चला दिया गया है और धान की रोपाई भी शुरू हो गई है। अगर अगले 10-12 दिन ऐसे ही रुक-रुक कर बारिश होती रही तो फसल का समय पर तैयार होना तय है।”
*रोपाई के लिए उपयुक्त मौसम*
मौसम विभाग और कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि रुक-रुक कर होने वाली बारिश धान की फसल के लिए सबसे अनुकूल होती है। न ज्यादा पानी, न सूखा ऐसे में बीज अंकुरण, पौध रोपण और उनकी जड़ पकड़ने की प्रक्रिया आसानी से हो जाती है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस बार बलिया में किसानों को रोपाई के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा। बारिश की लय यदि बनी रही तो पैदावार भी बेहतर होने की उम्मीद है।
*महिलाएं और मजदूर भी जुटे*
खेतों में केवल किसान ही नहीं, महिलाओं और खेतिहर मजदूरों की भी बड़ी संख्या धान की रोपाई में जुटी हुई है। सुबह से शाम तक खेतों में काम कर रहे मजदूरों को देखकर गांवों में फिर से खेती का रौनक लौट आई है।
स्थानीय किसान प्रेम नारायण सिंह ने बताया, “सरकार से खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था की मांग की गई है, ताकि इस बार किसानों को बेहतर फसल के साथ लाभ भी मिल सके।”
