महर्षि टाइम्स
रसड़ा (बलिया) आस्था व उत्साह का पर्व अंधकार से जीवन को प्रकाशमय करने वाला महापर्व दीपावली; दीपोत्सव का पर्व नगर सहित आस पास के क्षेत्रो व ग्रामीण अंचलो में बड़े धूमधाम व उत्साह उल्लास से मनाया गया। नगर में मकानों पर बिजली के बल्ब लत्तरो झालरो तथा जल रहे दीये से जगमगाता नजर आ रहा था जिससे नगर एक भव्य रोशनी से भरा दृश्य जैसा लग रहा था नगर में दुकाने विशेष तरह की सजाया गयी थी दीपावली आने पर पूर्व से घरो को साफ सफाई कर, घर में मां लक्ष्मी गणेश की पूजन अर्चन कर धन्य धान्य से सुखमय व्यतीत हो प्रकाश पर्व पर अंधकार से प्रकाश का जीवन के लिए लोग कामना की, लोग इस पर्व पर अपने दुकानों में गणेशजी लक्ष्मी की पुजा कर रहे थे वहीं बहुत से दुकानदार अपने दुकान की साइत करा रहे थे लोग जहां तहां दीपावली की खुशियां जहां मना रहे थे।दीपावली पर्व पर घरो पर रंगबिरंगी झालरो के चकाचौंध से लोगो के मन हर्षित हो रहे थे।दीपावली के बेला पर श्रीनाथ मठ बड़ी काली माता मंदिर श्री अमली बाबा मंदिर छितौनी सहित नगर के सभी मंदिर पर भी दीप जलाकर कर लोकमंगल की कामना की वहीं दीपोत्सव के बीच बच्चे युवाओ घर के लोग महिला पुरूष पटाखे फूलझरी रोशनी वाले पटाखे जलाकर खुशिया मनायी नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में दीपावली पर्व शांति पूर्वक सम्पन्न हो गया वहीं विभिन्न प्रकार के आतिशबाजी कर रहे थे तेज आवाज वाले पटाखे व पटाखे लत्तर छोड़ते देखा गया। जो यह सिलसिला देर रात तक चला। दीपोत्सव के अवसर पर सरोवर के घाटो पर जलाये गये दीपो की अदभूतछट्ठा बिखेर रहता था जो देखते बनती थी नगर बिजली के बल्ब लत्तरो के प्रकाश बिखेर रहे प्रकाश से जगमग जगमगाता देखा गया नगर में जगह जगह धार्मिक अनुष्ठान भी चल रहा था। प्रतिष्ठानो पर गेंदा के फूल माला केला के वृक्षपतो व विभिन्न प्रकार के साज सज्जा से सजाया गया था जिसे अपनेदुकानोगणेशजीलक्ष्मी की पुजा कर रहे थे। सुबह से ही नगर में सजी मिठाई की दुकान पर खरीदारी कर रहे थे परम्परा के अनुसार यह पर्व जब श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त करने के पश्चात माता सीता भाई लक्ष्मण के साथ आयोध्या आये थे आने के खुशी में अयोध्यावासी दिये जलाये जिससे आज हम दिपावली मनाते है।नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में दीपावली पर्व सम्पन्न हो गया
