16 घंटे तक घर में रखा रहा शव, पेट्रोल की केन लेकर बैठी रही बड़ी बेटी; हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग
ओमप्रकाश वर्मा
नगरा (बलिया)। उभांव थाना क्षेत्र के सोनाडीह (दोथ) गांव में पूर्व CRPF जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। करीब 16 घंटे तक शव घर में रखा रहा। पत्नी और तीनों बेटियां हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग पर अड़ी रहीं। इस दौरान बड़ी बेटी कृतिका पेट्रोल से भरी केन लेकर शव के पास बैठ गई और हत्यारों के एनकाउंटर की मांग करने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे।
कृतिका ने बताया कि घटना के समय अंधेरा था। वह और उसकी बहन रितिका चीखती रहीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने पिता घायल होकर गिर पड़े। मृतक की पत्नी ने भी आरोप लगाया कि उसकी आंखों के सामने पति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसने हत्यारों के एनकाउंटर के साथ ही उनके मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार आत्मदाह करने को मजबूर होगा।
परिजनों के अनुसार, अमरेश बहादुर सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनकी मौत के बाद पत्नी और तीन बेटियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं, हमले में घायल मृतक के छोटे भाई मंजेश सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।
एडीएम के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार पर सहमति
सुबह काफी देर तक समझाने के बावजूद जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए तो एडीएम अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक परिजनों से वार्ता कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। शासन स्तर से हरसंभव सहायता दिलाने के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
एडीएम ने आश्वासन दिया कि मृतक के आश्रितों को शासन से मिलने वाली हरसंभव आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए भी सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा घर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का भी आश्वासन दिया गया। सीओ रसड़ा रजनीश कुमार ने भी परिवार को सुरक्षा के संबंध में भरोसा दिलाया।
परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तीन दिन बाद मुलाकात कराने का आश्वासन भी दिया गया। एडीएम ने बताया कि एमएलसी रविशंकर उर्फ पप्पू सिंह और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की ओर से मुख्यमंत्री से परिवार की मुलाकात कराने के लिए बातचीत की गई है। परिवहन मंत्री ने भी जल्द पीड़ित परिवार से मिलने और शासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
गुलौरा मठिया शिव स्थान पर हुआ अंतिम संस्कार
आश्वासन के बाद मृतक अमरेश बहादुर सिंह का अंतिम संस्कार गुलौरा मठिया शिव स्थान पर किया गया। मुखाग्नि मृतक के छोटे भाई मंजेश सिंह के बड़े पुत्र रुद्र प्रताप सिंह ने दी। इस दौरान सीयर ब्लॉक प्रमुख आलोक कुमार सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे और उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश में दबिश
हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी गिरीश की बेटी खुशी, पत्नी शीला सिंह और बेटे सूरज को गिरफ्तार किया है। दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
मौके पर एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल, एसडीएम शरद चौधरी, तहसीलदार राजू कुमार, पूर्व मंत्री छट्ठू राम, बसपा नेता भारत भैया, जिला पंचायत सदस्य दिनेश यादव फौजी, सीयर ब्लॉक प्रमुख आलोक कुमार सिंह समेत ग्राम पंचायत के कई लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।




