पत्नी की मानसिक स्थिति और बेटी के अंधेपन से सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका में रची हत्या की साजिश, दाव व खून लगे कपड़े बरामद
महर्षि टाइम्स
रसड़ा, बलिया। थाना रसड़ा पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में मुस्तफाबाद गांव में हुए मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, परिवार के मुखिया रामचीज गुप्ता ने अपनी पत्नी मान्ती देवी और बेटी गौरी की हत्या की साजिश रची थी। मामले में पुलिस ने रामचीज गुप्ता समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की रात मान्ती देवी की घर में हत्या कर दी गई थी, जबकि उनकी बेटी गौरी का शव घर के पास खेत में मिला था। घटना के संबंध में 17 सितंबर को थाना रसड़ा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना और साक्ष्य संकलन के दौरान पुलिस को पता चला कि मान्ती देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी और उनकी बेटी गौरी नेत्रहीन थी। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से रामचीज गुप्ता सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने को लेकर परेशान था और उसने पत्नी व बेटी की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, रामचीज ने गांव के ही चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को योजना में शामिल किया। तीनों ने 16 सितंबर की शाम करीब सात बजे कथित तौर पर मां-बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद गौरी के शव को खेत में रख दिया गया और घटना को अज्ञात लोगों द्वारा हत्या किए जाने का रूप देने का प्रयास किया गया।
19 सितंबर की सुबह करीब 3:30 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपितों—रामचीज गुप्ता, चंदन यादव और दिनेश गुप्ता, सभी निवासी मुस्तफाबाद, थाना रसड़ा—को सिधागरघाट से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने कथित रूप से घटना में प्रयुक्त एक दाव (आला कत्ल) तथा घटना के समय पहने गए रामचीज के कुर्ते और चंदन यादव की टी-शर्ट बरामद की है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर तीनों आरोपितों को न्यायालय भेज दिया।
