महर्षि टाइम्स
नगरा (बलिया)। भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा ने बुधवार को पूरे नगरा नगर को भक्ति, आस्था और उल्लास के रंग में सराबोर कर दिया। जैसे ही भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलराम का सुसज्जित रथ नगर की सड़कों पर निकला, "जय जगन्नाथ" के गगनभेदी जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। भगवान के दर्शन और रथ को खींचने का सौभाग्य पाने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे हरिनाम संकीर्तन के बीच भक्ति में झूमते नजर आए।
रथयात्रा का सबसे भावुक और आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ रस्सी पकड़कर भगवान के रथ को खींचा। धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से सुख, शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण रहा कि श्रद्धालुओं में रथ खींचने की विशेष उत्सुकता दिखाई दी।भजन- कीर्तन, मृदंग, झांझ और हरिनाम संकीर्तन की मधुर धुनों से पूरा gवातावरण भक्तिमय बना रहा। यात्रा मार्ग पर घरों की छतों, बालकनियों जीऔर प्रतिष्ठानों से लोगों ने भगवान के दर्शन किए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर श्रद्धा और उत्साह साफ झलक रहा था।
शोभायात्रा के संचालक ओमप्रकाश दास व पारस मणि ने कहा कि भगवान जगन्नाथ समस्त सृष्टि के पालनहार हैं। उनकी रथयात्रा प्रेम, सेवा, समानता और मानव कल्याण का संदेश देती है तथा समाज को एकता के सूत्र में बांधती है। इस धार्मिक उत्सव के रथयात्रा में ,आचार्य ओमप्रकाश वर्मा, पवन चौरसिया, डी.एन. प्रजापति, त्रिभुवन सेठ, विश्वात्मा दास ,पूर्व मंत्री छट्ठू राम,रामदरश यादव,धनंजय शर्मा,पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया ,पूर्व प्रमुख निर्भय प्रकाश,रुद्र गुप्ता ,सुरेश सोनी,यशवीर सिंह,,रामजी मधेशिया,जयशंकर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
देर शाम तक नगरा नगर में भजन, कीर्तन और "जय जगन्नाथ" के जयघोष गूंजते रहे। भगवान के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालुओं ने स्वयं को धन्य महसूस किया और पूरे नगर में आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला।

