बलिया की बेटी ने बढ़ाया देश का मान, कर्ण छपरा गांव में जश्न का माहौल।
महर्षि टाइम्स
बैरिया (बलिया)। प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे सच साबित कर दिखाया है बैरिया क्षेत्र के कर्ण छपरा गांव की होनहार छात्रा आयुषी सिंह ने। आयुषी ने देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे बलिया जिले, पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई। वर्तमान में असम में कक्षा 7 की छात्रा आयुषी शुरू से ही मेधावी रही हैं। उनकी इस शानदार सफलता के पीछे माता-पिता का संघर्ष, अनुशासन और बेहतर मार्गदर्शन भी प्रेरणादायक है। आयुषी की मां पूजा सिंह ने एलएलबी की पढ़ाई करने के बावजूद बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी और गृहिणी रहते हुए बेटी को स्वयं पढ़ाया। उन्होंने एक निजी संस्थान के सहयोग से आयुषी को RIMC जैसी कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया। मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास का परिणाम रहा कि आयुषी ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। गौरतलब है कि राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया देश की सबसे कठिन चयन प्रक्रियाओं में गिनी जाती है। इसमें लिखित परीक्षा, एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट जैसे कई कठिन चरण शामिल होते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि छात्राओं के लिए पूरे देश में मात्र पांच सीटें निर्धारित हैं। ऐसे में आयुषी की ऑल इंडिया टॉप रैंक सफलता को असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार जुलाई 2026 में आयुषी का प्रवेश देहरादून स्थित RIMC में कक्षा 8 में होगा। यह वही संस्थान है जिसे “एनडीए की प्राथमिक पाठशाला” कहा जाता है और जहां से निकलकर देश के कई सैन्य अधिकारी भारतीय सेना में उच्च पदों तक पहुंचे हैं।आयुषी के पिता अंशुमान सिंह असम स्थित टाटा टी प्लांटेशन में डिप्टी मैनेजर पद पर कार्यरत हैं। बेटी की उपलब्धि पर परिवार में उत्साह का माहौल है। गांव के लोग मिठाइयां बांटकर खुशी मना रहे हैं और आयुषी को भविष्य की सैन्य अधिकारी के रूप में देख रहे हैं। अपनी सफलता पर आयुषी ने कहा कि इसका पूरा श्रेय माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और गुरुजनों को जाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से समय का सदुपयोग करने, नियमित अध्ययन करने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। बेटियों को संदेश देते हुए आयुषी ने कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं, जरूरत सिर्फ आत्मविश्वास और मेहनत की है। आयुषी की यह उपलब्धि न केवल बलिया बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
