अजीत कुमार सिंह
बैरिया (बलिया)। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 स्थित बैरिया-मांझी मार्ग पर इन दिनों पेट्रोल और डीजल की अवैध तस्करी खुलेआम जारी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित कुछ पेट्रोल पंपों से बड़े पैमाने पर ईंधन बिहार भेजा जा रहा है। पड़ोसी राज्य बिहार में पेट्रोल-डीजल की कीमत अधिक होने के कारण यह अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। जानकारी के अनुसार तस्कर बाइक और चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल कर रोजाना हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल बिहार पहुंचा रहे हैं। इसके लिए बाइकों पर लोहे के एंगल से विशेष ढांचा तैयार किया गया है, जिस पर 200 से 300 लीटर तक क्षमता वाले गैलन लादकर आसानी से सीमा पार कराई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार के चलते क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की किल्लत बढ़ती जा रही है। आम उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में लगने के बावजूद पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा है।वहीं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि बोतल, गैलन या अन्य कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद सीमावर्ती इलाकों के कई पेट्रोल पंपों पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। क्षेत्रीय समाजसेवियों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समाजसेवी पिंटू सिंह, राकेश सिंह, बीरेंद्र यादव, अरुण कुमार सिंह और गुड्डू सिंह ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि यदि जल्द रोकथाम नहीं की गई तो स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी। उन्होंने अवैध तस्करी में संलिप्त पेट्रोल पंपों की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती और नियमित निगरानी से ही इस अवैध धंधे पर अंकुश लगाया जा सकता है।

