स्वामी हरिहरानंद जी बोले— कलियुग में भक्ति और कीर्तन ही मानसिक शांति का आधार।
महर्षि टाइम्स
बैरिया बलिया। क्षेत्र के रानीगंज बाजार निवासी संतोष सोनी के आवास पर महिलाओं की पहल पर आयोजित 24 घंटे का अखण्ड हरिकीर्तन बुधवार को विधि-विधान के साथ सम्पन्न हो गया। पूरे आयोजन की व्यवस्था, संचालन और संपादन महिलाओं द्वारा किए जाने से कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। अखण्ड हरिकीर्तन के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। महिलाओं ने लगातार हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन के माध्यम से माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे और भगवान के नाम का गुणगान करते रहे। बुधवार शाम आयोजित पूर्णाहुति कार्यक्रम में पहुंचे स्वामी हरिहरानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य का जीवन तनाव, भागदौड़ और भौतिकता से घिर गया है। ऐसे दौर में भक्ति, नाम-स्मरण और हरिकीर्तन मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि अखण्ड हरिकीर्तन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का सशक्त माध्यम भी है। जब समाज धर्म और संस्कारों से जुड़ता है तो सामाजिक समरसता स्वतः मजबूत होती है। स्वामी हरिहरानंद जी ने लोगों से अधिकाधिक धार्मिक आयोजनों में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि ईश्वर भक्ति मानव जीवन को सही दिशा देने का कार्य करती है। कार्यक्रम में क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं, श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी लोग मौजूद रहे। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन की सफलता को लेकर स्थानीय लोगों ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और व्यवस्थापन की सराहना की। इस अवसर पर श्यामबिहारी वर्मा, संदेश सोनी, विनोद सोनी, गणेश सोनी सहित दर्जनों महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
