महर्षि टाइम्स
लखनऊ। संस्था वोमन वेलफेयर फाउण्डेशन बाराबंकी के तत्वाधान में एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से प्रखर राष्ट्रवादी नेता शिक्षविद् और भरतीय जन संघ के संस्थापक डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वी जन्म शताब्दी के अवसर पर सेमिनार एवं सास्कृतिक कार्यकम् का आयोजन शहनाई पैलेश सतरिख जनपद-बाराबंकी में किया गया। इस अवसर पर कार्यकम् में उपस्थित मुख्य अतिथि रौशन सिंह चंदन सनातन धर्म एवं गौ रक्षा प्रदेश प्रचारक ने दीप प्रज्वलित कर एवं डा० श्यामा प्रसाद मुखरजी मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकम् का सुनारम्भ किया डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन के बारे में बताते हुए बताया कि मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1991 को कोलकाता के एक प्रतिष्ठत एवं शिक्षित बगाली परिवार में हुआ था। मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कृतकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। अपने कार्यकाल में उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने भारतीय भाषाओं, विज्ञान तथा तकनीकी शिक्षा के विकास पर विशेष बल दिया।*
मुख्य वक्ता श्री डा० शैलेन्द्र प्रसाद शर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवध बार एशेसिएशन उच्च न्यायालय लखनऊ ने सभा को सम्बोधित करते हुए बताया कि डॉ, मुखर्जी के विचारों और संघर्षों का भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा। उनके द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ आगे चलकरभाजपा के रूप में विकसित हुआ, जो आज भारत की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों में से एक है। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता जैसे विषय आज भी उनकी विचारधारा की प्रासंगिकता को दशति हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित गौरव श्रीवास्तव संयुक्त सचिव प्रसासन अवधा बार एशोसिएशन लखनऊ सभा को सम्बोधित करते हुए बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बंगाल विधान परिषद से की। वे प्रारम्भ में स्वतंत्र विचारधारा के समर्थक थे, किन्तु बाद में हिंदू समाज के अधिकारों एवं राष्ट्रीय एकता के मुद्दों पर सक्रिय रूप से राजनीति में आए। सुन्नु 1941 में वे बंगाल प्रांत के वित्त मंत्री बने। उस समय देश ब्रिटिश शासन के अधीन था। और बंगाल अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा था। उन्होंने प्रशासनिक दक्षता एवं राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
कार्यकम् में उपस्थित दिव्याशु सिंह ने सभा को सम्बोधित करते हुए बताया कि सन् 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भाजपा की स्थापना की। यह संगठन आगे चलकर भारतीय राजनीति में एक प्रमुख वैचारिक प्राक्ति बना।
इस अवसर पर डा० मेराज असारी, डा० तारिक जिलानी पूर्व सुप्रीडेन्ट बाराबकी,फैज खुमार बाराबंकवी, प्रतिमा सिंह, विमा, आर० एस०एस० महिला प्रकोश्ठ, एम० एच० सिद्दीकी सी०इ०ओ० इ०टी० आई० नेहा सिंह, प्राची सिंह, आदि लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
तथा स्वारोही म्यूजिकल ग्रुप एवं उनकी पार्टी द्वारा डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वी जन्म शताब्दी पुड़ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम कर लोगो का मन मोह लिया। संस्था के सचिव असगर अली ने बताया कि उपस्थित सभी लोगों को अल्पाहार कराया गया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया!


