शैलेश सिंह
बैरिया (बलिया)।गंगा और सरयू तट के संगम पर बसे जयप्रकाश नगर(सिताबदियारा) में नवनिर्मित भव्य हनुमान जी के प्राणप्रतिष्ठा पर आयोजित महायज्ञ की जल यात्रा की झांकी अनुपम और ऐतिहासिक निकली जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। दलजीत टोला निवासी समाजसेवी रामबाबु यादव द्वारा बहुत सुन्दर श्री हनुमान मंदिर की स्थापना कराई गई है , जिसकी शुक्रवार को बृहद कलश यात्रा निकली गई ,जिसमे हाथी, ऊंट और लगभग 100 घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु बाबू के डेरा चट्टी, जयप्रकाश नगर, पूर्वी भवन टोला होते हुए पवित्र गंगा नदी तट पहुंचे। वहां विधिवत गंगा जल भरकर यात्रा टिपुरी, भगवान टोला, सेवा धाम मंदिर और चाचा टोला मार्ग से पुनः मंदिर परिसर लौटी। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर और जलपान कराकर यात्रियों का भव्य स्वागत किया। पूजा-अर्चना का संचालन आचार्य ओमप्रकाश चौबे, संजय चौबे, वीरेंद्र चौबे, सोनू चौबे, सुशील चौबे, मनीष चौबे, प्रांजल चौबे, आशीष पाठक, अभिजीत पाठक, छोटेलाल पाठक, मिथिलेश पाठक, रामबहादुर पाठक और रोहित पाठक सहित अन्य विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। गंगा जल से भगवान हनुमान का अभिषेक होते ही मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “बजरंगबली की जय” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में समाजसेवी,सूर्यभान सिंह,संतोष सिंह, रविन्द्र सिंह,नन्दजी यादव, रमेश सिंह,बीरबल यादव, नन्दलाल यादव, विक्की सिंह, जनार्दन सिंह, रत्नेश सिंह, रामकुमार यादव, अरुण सिंह,पवन यादव तथा सुशील यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहे ।इस भव्य आयोजन के आयोजक एवं व्यवस्थापक रामबाबू यादव ने जलयात्रा के उपरान्त सभी विद्वान पंडितों व अतिथियों का आभार प्रगट किया । वक्ताओं ने कहा कि राम बाबू राम द्वारा कराया गया यह आयोजन ऐतिहासिक है। कोडरहा नौबरार, जयप्रकाश नगर ग्राम पंचायत में इस प्रकार का भव्य हनुमान मंदिर पहले कभी निर्मित नहीं हुआ था। यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत जयप्रकाश नगर चौकी प्रभारी मयंक कुमार, कांस्टेबल विजय यादव, निलेश शर्मा और अखिलेश गुप्ता और चांद दियर चौकी प्रभारी श्याम प्रकाश मिश अपने पुलिस बल के साथ मुस्तैदी से तैनात रहे। भव्य जल यात्रा और मंदिर निर्माण को लेकर क्षेत्र में उत्साह, संतोष और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी पेश कर गया।




