22 बिक्री केन्द्रों की जांच करते हुए गुणवत्ता परीक्षण हेतु 07 उर्वरक के नमूने ग्रहीत किये गये
प्रदीप कुमार पाण्डेय
गाजीपुर। कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा उर्वरक गुणवत्ता बनाये रखने, बिक्री केन्द्र पर उपलब्ध स्टाक एवं पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टाक का हुआ सत्यापन
जनपद के साधन सहकारी समितियों, पी0सी0एफ0 विक्रय केन्द्रों, इफको सेवा केन्द्र, आईएफएफडीसी, औद्यानिक समिति एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केन्द्रों/गोदाम रहे जांच के दायरे में
शासन के निर्देशानुसार कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा उर्वरक गुणवत्ता बनाये रखने, बिक्री केन्द्र पर उपलब्ध स्टाक एवं पी0ओ0एस0 मशीन में प्रदर्शित स्टाक का सत्यापन करने के निमित्त जनपद-व्यापी चेकिंग अभियान के तहत् उर्वरक निरीक्षक एवं अन्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर जनपद के साधन सहकारी समितियों, पी0सी0एफ0 विक्रय केन्द्रों, इफको सेवा केन्द्र, आई0एफ0एफ0डी0सी0, औद्यानिक समिति एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केन्द्रों/गोदामों पर मंगलवार को छापे की कार्यवाही की गयी। टीम का गठन जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार द्वारा किया गया। उप कृषि निदेशक श्री विजय कुमार व सहायक निबंधक सहकारिता तहसील मोहम्मदाबाद कासिमाबाद, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-1 श्री संदीप यादव तहसील जमानिया सेवराई जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार व जिला उद्यान अधिकारी तहसील सदर जखनिया सैदपुर आवंटित किया गया।
छापे के दौरान नामित उर्वरक निरीक्षकों के द्वारा कुल 22 बिक्री केन्द्रों की जांच करते हुए गुणवत्ता परीक्षण हेतु 07 उर्वरक के नमूने ग्रहीत किए गए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान बंद पाए जाने पर अमन खाद भंडार चोचकपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी उर्वरक विक्रेता अपने दुकान पर स्पष्ट रूप से रेट बोर्ड लगाए, जिसमें उर्वरकों का निर्धारित मूल्य तथा सरकार दिए द्वारा दिए जाने वाले सब्सिडी का विवरण होना चाहिए तथा किसानों को उनकी खतौनी के अनुसार पॉस मशीन में अंगूठा लगाते हुए निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाये। यदि किसी भी उर्वरक बिक्रेता/समिति के द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री या अवैध रूप से पॉस मशीन से उर्वरक खारिज करने का प्रयास किया जाता है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक गुण नियंत्रक के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। इसी के साथ कृषक भाइयों को अवगत कराना है कि जनपद में इस समय पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं डीएपी उर्वरक उपलब्ध है। किसी भी क्षेत्र में किसी उर्वरक की कोई कमी नहीं है। साथ ही उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या है तो कार्यालय जिला कृषि अधिकारी विकास भवन गाज़ीपुर में दर्ज करा सकते हैं। इसी के साथ किसान भाइयों से अपील है कि गेहूं की फसल में पहली सिंचाई बुवाई के 20 से 21 दिन बाद अवश्य करें। पहली सिंचाई का बहुत अधिक महत्व होता है, यदि सिंचाई विलंब से करेंगे तो गेहूं की फसल में टिलरिंग कम हो पाती है, जिससे आगे चलकर उत्पादन काफी प्रभावित होता है। साथ ही साथ जिन किसान भाइयों के द्वारा सिंचाई कर ली गई है वह समय से यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें तथा यदि गेहूं की फसल में खरपतवार हो तो खरपतवार नाशी का भी प्रयोग करें।
