नगर पालिका की उदासीनता से बदहाल हुआ शहर, जनता त्रस्त।

MAHARSHI TIMES
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  प्रदीप कुमार पाण्डेय 

गाजीपुर। जनपद के नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद की कार्यप्रणाली इन दिनों सवालों के घेरे में है। प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण नगर की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है, जिससे आम नागरिकों को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्तमान अधिशासी अधिकारी रविंद्र मोहन के कार्यभार संभालने के बाद से नगर पालिका की सक्रियता लगभग समाप्त हो गई है। वे प्रायः कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहते, जिसके चलते न तो पालिका के निर्णय धरातल पर उतर पा रहे हैं और न ही शासन से प्राप्त निर्देशों का पालन हो रहा है। इससे प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह ठप सा हो गया है।

अधिकारियों की लापरवाही का असर कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही और सड़कों व मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।

नगर के बाजारों और मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बन चुका है। फुटपाथों और सड़कों पर अवैध कब्जों के कारण यातायात बाधित हो रहा है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर पालिका द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इन समस्याओं पर अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न अधिशासी अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की है और न ही उच्च स्तर पर कोई हस्तक्षेप होता दिख रहा है।

नगरवासियों में इस उदासीनता को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नगर की बिगड़ती हालत में सुधार नहीं हुआ तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। अब यह देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और नगर को अव्यवस्था से बाहर निकालने के लिए ठोस पहल करते हैं।

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