ओमप्रकाश वर्मा
नगरा बलिया प्राचीन आदर्श रामलीला कमेटी द्वारा पुरानी दुर्गा मंदिर में आयोजित रामलीला का मंचन दर्शकों के लिए भावनात्मक रहा। चित्रकूट प्रसंग में भरत अपने भाइयों के साथ राम को अयोध्या वापस ले जाने पहुंचे।
भरत ने राम से कई बार अयोध्या लौटकर राजगद्दी संभालने की विनती की। लेकिन राम ने वनवास धर्म का पालन करने की बात दोहराई। इसके बाद भरत ने राम की खड़ाऊं को अयोध्या का प्रतीक मानकर नंदीग्राम में स्थापित किया। उन्होंने राम के लौटने तक इसी प्रतीक के माध्यम से शासन चलाने का संकल्प लिया।
इस दृश्य के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में रमेश पाठक ने व्यास की भूमिका निभाई। आयोजन में सभासद संजय सिंह, दीपू पाठक, रवि प्रकाश पाठक, उमेश पाठक, पवन पाठक और राजकुमार का विशेष सहयोग रहा।
