परामर्श सत्र के साथ हुआ एक सप्ताह के जागरूकता अभियान कार्यक्रम का समापन
महर्षि टाइम्स
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानव कल्याण की दिशा में समाजशास्त्र विभाग एवं गृह विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे महिलाओं में सामान्य एवं गर्भावस्था में पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधित एक सप्ताह के जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज अंतिम दिन को विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए हुए गांव बसन्तपुर में महिला स्वास्थ्य से संबंधित योगाभ्यास एवं योग के द्वारा स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के समाधान पर प्रश्नोत्तर सत्र के साथ इस जागरूकता अभियान का समापन हुआ।आज के कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के योग एवं नेचुरोपैथी विभाग के प्राध्यापक श्री राजकुमार जी के द्वारा ग्रामीण महिलाओं को विशेषतः प्रजनन एवं मातृत्व स्वास्थ्य से सम्बन्धी योगाभ्यास करवाया गया। साथ ही साथ उन्होंने स्त्री जीवन में योग के महत्व को भी ग्रामीण महिलाओं के बीच साझा किया। उन्होंने कुछ वृद्ध ग्रामीण महिलाओं के जोड़ो के दर्द को फिजियोथेरेपी के माध्यम से त्वरित निवारण करके ग्रामीणों के दुख, दर्द के प्रति विश्विद्यालय की संवेदनशीलता एवं उनकी समस्याओं के प्रति जिम्मेदारी के परिचय दिया।साथ ही
डॉ स्मिता ने योग के महत्व को विस्तार से समझाते हुए कहा कि, जिस प्रकार से पोषणयुक्त आहार प्रतिदिन आवश्यक है ,उसी तरह से प्रतिदिन योगाभ्यास भी स्वस्थ जीवन के लिए अति आवश्यक है। महिलाएं रोजमर्रा की जिम्मेदारी से यदि थोड़ा समय योग के लिए निकल ले तो महिला स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर बीमारियों से निजात पा सकती है।इसी बात को आगे बढ़ाते हुए डॉ संध्या ने योग के महत्व को बताया और कहा कि, महिलाओं के स्वास्थ से जुड़ी हर प्रकार की समस्या के लिए योग घर बैठे इलाज है, सबसे पहले तो योगाभ्यास से आप बीमार नहीं पड़ेंगे, और यदि कोई समस्या है भी तो योगाभ्यास से उसका सम्पूर्ण निवारण किया जाना संभव है।
आज के कार्यक्रम का संयोजन एवं क्रियान्वयन डॉ स्मिता एवं डॉ संध्या ने किया। सम्पूर्ण जागरूकता अभियान का क्रियान्वयन विश्वविद्यालय की मुख्य कुलानुशासक डॉ प्रियंका सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यकम में डॉ तृप्ति एवं समाजशास्त्र तथा गृह विज्ञान विभाग के छात्र ऋचा सिंह, नीना यादव, पूजा यादव, सपना, इंदु कुमारी, मनीषा, प्रशंसा, अवधेश अंकित पिंटू,इत्यादि का सहयोग सराहनीय रहा ।
एक सप्ताह तक चलने वाले इस जागरूकता अभियान में अलग अलग दिनों में महिलाओं में सामान्य एवं गर्भावस्था में पोषण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधित मुद्दों पर भिन्न भिन्न कार्यक्रम आयोजित कराए गए जिसमें गर्भावस्था के दौरान विशेष पोषण की आवश्यकता पर चर्चा, महिला स्वास्थ एवं पोषण महत्व पर चर्चा, निःशुल्क स्वास्थ परीक्षण शिविर, सैनेट्री पैड एवं दवा वितरण, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं मासिक धर्म स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, स्थानीय खाद्य पदार्थो की प्रदर्शनी एवं उनकी पौष्टिकता पर चर्चा तथा महिला प्रजनन स्वास्थ्य एवं मातृत्व स्वास्थ्य से संबंधित योगाभ्यास एवं परामर्श सत्र आदि प्रमुख रहें। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए हुए गांव बसन्तपुर की किशोरियों एवं महिलाओं में महिला स्वास्थ से संबंधित मुद्दों पर उन्हें जागरूक करना रहा।यदि महिलाएं पोषण, योग और स्वच्छता को अपने जीवनशैली में सम्मिलित कर ले तो वो महिला ,प्रजनन स्वास्थ्य एवं मातृत्व स्वास्थ्य से संबंधित अनेक समस्याओं को हरा कर , मातृत्व मृत्यु जैसी राष्ट्रीय एवं विश्वव्यापी समस्या पर विजय प्राप्त कर सकेंगी।

