महर्षि टाइम्स
बलिया । भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय मुख्य महासचिव मधुसूदन सिंह के नेतृत्व मे सोमवार को प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, पूर्वांचल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बलिया ), भारत पत्रकार संघ व अन्य संगठनों के सैकड़ो पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर बलिया पुलिस के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्रक भेजकर बांसडीह के कोतवाल संजय सिंह के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गयी है। साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा दो व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर पत्रकारों मे भेद किया जा रहा है, उसको तत्काल बंद करने की मांग की गयी है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ खबरों के लिये कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा। कहा कि पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस प्रकरण को हल कराने का प्रयास करूंगा।
सूच्य हो कि बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की को दूसरे संप्रदाय के शिक्षक द्वारा भगा ले जाने का मामला कुछ दिन पहले हुआ था। इस मामले मे जब लड़की के पिता ने अपनी लड़की की बरामदगी के लिये स्थानीय बीजेपी नेताओं के साथ थाने पर प्रदर्शन किया तो कोतवाल संजय सिंह ने पीड़ित पिता व बीजेपी नेताओं पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया। जब पत्रकार राजू गुप्ता को यह पता चला तो उसने *पीड़ित ही बना आरोपी * हेडिंग से खबर चला दिया। इसके कुछ दिनों बाद वाराणसी जोन के एडीजी महोदय बलिया आये थे। श्रीमान ने पत्रकारों से सवाल किया कि क़ानून व्यवस्था बलिया मे कैसी है, तब राजू गुप्ता ने कहा - सर, जब पीड़ित ही आरोपी बन जाये तो आप हाल खुद समझ लीजिये। इसी से खार खाये बांसडीह के कोतवाल संजय सिंह ने राजू गुप्ता पर गंभीर धाराओं मे मुकदमा दर्ज करने के लिये 156(3) के तहत माननीय सीजेएम न्यायालय मे आवेदन किये थे। इसकी जानकारी होते ही बलिया के पत्रकारों मे आक्रोश फैल गया।
कोतवाल बांसडीह की तरह ही सीओ बांसडीह भी कम नहीं है। साहब इतनी फुर्ती से जांच करते है कि आवेदन मिलने से पहले ही जांच करके आख्या लगा देते है। साहब को 5 दिन पहले ही अंतरात्मा की आवाज से पता चल जाता है, अमुक व्यक्ति 5 दिन बाद माननीय मुख्यमंत्री जी के जनसुनवाई एप्प पर शिकायत दर्ज करेगा और साहब पांच दिन पहले ही घटना की जांच कर आख्या भी अपलोड कर देते है। सबसे बड़ी बात यह है कि घटना स्थल थाना परिसर रहता है। हम बांसडीह रोड थाने से निस्तारित आईजीआरएस की बात कर रहे है।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय मुख्य महासचिव मधुसूदन सिंह ने कहा है कि बलिया मे किसी भी पत्रकार के ऊपर अगर खबरों के लिये पत्रकार को उत्पीड़ित किया जाता है तो अपने महासंघ के साथ चट्टान की तरह खड़ा मिलूंगा। कहा कि पत्रकार रोज सड़क पर अपनी समस्याओं के लिये नहीं बल्कि समाज की समस्याओं को लेकर उतरता है। कई बड़े बाहुबली हमारे दुश्मन भी हो जाते है। फिर भी हम लोग खबरों को करना नहीं छोड़ते है। कहा कि साथियों खबरों को निष्पक्षता के साथ चलाइये, आपके साथ हम लोग खड़े है।
एडीजी जोन व माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलेगा प्रतिनिधि मंडल , पूर्वांचल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ) के जिला महासचिव सर्वेद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस घटना को लेकर हम लोग एडीजी जोन वाराणसी से मिलेंगे और पूरी घटना क्रम से उनको अवगत कराएंगे और कोतवाल बांसडीह के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग करेंगे। साथ ही साथ हम लोग प्रदेश जे यशस्वी मुख्यमंत्री जी से भी मिलकर बलिया मे पत्रकारों के खिलाफ फिर से कोई साजिश न हो इसकी मांग करेंगे
पत्रकारों द्वारा किये गये प्रदर्शन मे इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान मधुसूदन सिंह, सर्वेद्र विक्रम सिंह,सिंधु तिवारी(प्रांतीय महासचिव प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ),आसिफ जैदी, राणा प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष,मनोज राय का विशेष योगदान था। रत्नेश सिंह, कृष्ण कांत, कंचन सिंह, असगर अली, जितेन्द्र सिंह,अखिलेश यादव,संदीप गुप्ता, राजू गुप्ता, एजाज अहमद, मुशीर जैदी, दिनेश गुप्ता,सुरेंद्र गुप्ता, आनंद दूबे, उपेंद्र गुप्ता, सनन्दन उपाध्याय, जयराम तिवारी, उपेंद्र तिवारी, अमित सोनी,कैलाश मिश्र,ठाकुर जी,दुर्गा देवी,रवि आर्य, संदीप गुप्ता, राजेश गुप्ता आदि सैकड़ो पत्रकार साथियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।


