सरकार की नीतियों का विरोध करते समय भावनाओं में बह गया , बोले— मेरी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी
रजनीश श्रीवास्तव
सिकंदरपुर (बलिया)। कांवड़ यात्रियों को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद उपजे जन आक्रोश के बीच क्षेत्रीय विधायक मोहम्मद रिजवी ने रविवार को प्रेस वार्ता कर सफाई दी और माफी भी मांगी। बस स्टेशन चौराहा स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि उनका बयान सरकार की गलत नीतियों का विरोध करते हुए भावनात्मक रूप से निकल गया था, जिसका उद्देश्य किसी समुदाय या धार्मिक भावना को आहत करना नहीं था।
विधायक ने स्पष्ट किया कि— "मैं पूजा-पाठ में आस्था रखने वाला व्यक्ति हूं। मेरे घर में धार्मिक रीति-रिवाज से सभी कार्यक्रम संपन्न होते हैं। पिछले कार्यकाल में मैंने दर्जनों मंदिरों के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग दिया। मथुरा, वृंदावन, मैहर, विंध्याचल आदि प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शन भी कर चुका हूं।"
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 27 हजार विद्यालयों को बंद कर दिया है जबकि शराब की दुकानें तेजी से खोली जा रही हैं। यही विरोध करते हुए वह भावनाओं में बहकर कांवड़ यात्रियों के संदर्भ में आपत्तिजनक शब्द बोल गया, जिसका उन्हें खेद है।
"अगर मेरे शब्दों से किसी की भावना आहत हुई है, तो मैं पूरे समाज से क्षमा मांगता हूं। मेरी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी और आगे भी ऐसा कभी नहीं होगा,"— ऐसा कहकर विधायक मोहम्मद रिजवी ने मामले को शांत करने की कोशिश की।
गौरतलब है कि आरक्षण दिवस एवं संविधान स्तंभ दिवस कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान को लेकर हिंदू संगठनों ने सोमवार को बाजार बंद करने के साथ पुतला दहन करने का कार्यक्रम बनाया था। अब विधायक की यह माफी बयान के असर को कम करने की कोशिश मानी जा रही है।
