भृगु भूमि से बाबा धाम तक भक्ति का रथ: 500 वाहनों में सवार होकर कांवड़िए हुए रवाना, नगरा में गूंजा बोल बम का जयकारा"

MAHARSHI TIMES
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महर्षि टाइम्स 

नगरा (बलिया)। सावन की भक्ति रस से सराबोर भृगु भूमि से सोमवार को 500 से अधिक वाहनों में सवार हजारों श्रद्धालुओं का जत्था देवघर के लिए रवाना हुआ। भृगु क्षेत्र कांवड़िया संघ के बैनर तले आयोजित इस विशाल यात्रा में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी ने श्रद्धा और समर्पण का अनुपम संगम प्रस्तुत किया। बाबा बैजनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए झारखंड की ओर निकलते कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

कांवड़ियों की टोली नगरा बाजार पहुंचने से पहले माता दुर्गा, भगवान शंकर और हनुमान जी के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक उत्सव में तब और रंग भर गया जब क्षेत्र के पूर्व प्रमुख निर्भय प्रकाश ने 100 से अधिक कांवड़ियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया और ढोल नगाड़ों के साथ उन्हें मंगल यात्रा पर विदा किया।

शांभवी क्लिनिक के संचालक डॉ. डी. एन. प्रसाद ने सार्वजनिक रामलीला समिति से जुड़े 24 से अधिक श्रद्धालुओं को अंगवस्त्र भेंट किए, जिससे कांवड़ियों के चेहरों पर संतोष और गर्व की झलक साफ दिखाई दी। गड़वार मोड़ पर प्रयास किरण फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था की और वाहनों को रोककर उन्हें ताजगी से भरपूर जलपान कराकर पुनः यात्रा के लिए रवाना किया।

रवाना होने से पूर्व कांवड़ियों का जत्था जिला मुख्यालय पहुंचकर महर्षि भृगु और बाबा बालेश्वर नाथ के दरबार में हाजिरी देगा। यहां पूजा-अर्चना के बाद वे सुल्तानपुर में पवित्र स्नान करेंगे और वहीं गंगाजल से कांवड़ भरेंगे। इसके बाद शुरू होगी 125 किलोमीटर लंबी पदयात्रा, जो भक्ति और तपस्या की मिसाल होगी।

कांवड़िये देवघर में बाबा बैजनाथ के दरबार में जलाभिषेक करेंगे, फिर वहीं से बासुकिनाथ धाम के दर्शन के बाद पुनः बलिया की ओर वापसी करेंगे। इस धार्मिक यात्रा में कृष्ण पाल यादव 'केपी', (समाजसेवी) बब्लू यादव (जिला पंचायत सदस्य),राजेश यादव, लल्लन शर्मा,सोनू यादव,भगवान शर्मा, राकेश यादव, राजू,ओम प्रकाश गुप्ता, कृष्ण मुरारी पांडेय, रामायण ठाकुर, ओके जायसवाल, गोपाल गुप्ता, अभिनव प्रकाश, हिमेश प्रकाश, कृष्ण पाल यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु पूरे जोश और श्रद्धा से शामिल हैं।

पूरे रास्ते "बोल बम" के जयघोष, घंटियों की गूंज और भक्ति गीतों की स्वर लहरियां माहौल को भक्तिमय बना रही हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए संघ और स्थानीय संस्थाएं सक्रिय हैं। यह यात्रा न सिर्फ आस्था का परिचायक है, बल्कि समाज को एकजुटता, सेवा और संस्कृति की गहराई से जोड़ने का प्रेरक उदाहरण भी है।

भृगु क्षेत्र की यह भव्य कांवड़ यात्रा निश्चित रूप से श्रद्धा और समर्पण का ऐसा उत्सव बन गई है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों के दिलों में भक्ति की लौ जलाए रखेगी।

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