रजनीश श्रीवास्तव
सिकंदरपुर (बलिया) - अतिक्रमण के नाम पर ऐतिहासिक शनि मंदिर तोड़े जाने को लेकर कस्बे में तनाव और असंतोष की लहर अब भी थमी नहीं है। इस कार्यवाही के बाद से ही विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों में रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की, जिसकी उन्हें पूर्व में कोई जानकारी तक नहीं दी गई।
इस घटना के विरोध में बीते सप्ताह संगठनों के प्रतिनिधियों ने तहसील में पहुंचकर उपजिलाधिकारी का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि मंदिर स्थल की वास्तविक स्थिति का पता लगाए बिना इस तरह की कार्रवाई अनुचित है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
*बैठक में गरमा-गरमी, प्रशासन ने तय की पैमाइश की तारीख*
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच सुलह की दिशा में कदम उठाते हुए सोमवार को तहसील सभागार में बैठक बुलाई। बैठक में तहसीलदार व नायब तहसीलदार मौजूद रहे। दोनों पक्षों के लोगों की मौजूदगी में जब बैठक शुरू हुई तो बीच-बीच में बहस और हंगामे की स्थिति भी बनी रही। हालांकि अधिकारियों के हस्तक्षेप से माहौल शांत किया गया। बैठक में अंततः यह निर्णय लिया गया कि विवादित भूमि की पैमाइश राजस्व अभिलेखों के आधार पर कराई जाएगी, जिससे स्पष्ट हो सके कि भूमि सरकारी है या मंदिर ट्रस्ट अथवा किसी अन्य संस्था की है। तहसीलदार ने घोषणा की कि पैमाइश 6 जून, शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से कराई जाएगी। इस दौरान सभी पक्षों को उपस्थित रहने को कहा गया है।
*स्थानीय संगठनों ने जताया अविश्वास, पैमाइश के दौरान बड़ी संख्या में जुटने की चेतावनी*
स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर वर्षों पुराना है और जनता की आस्था का केंद्र रहा है। ऐसे में इसे अतिक्रमण बताकर ढहाना न सिर्फ गलत है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पैमाइश में किसी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
*बैठक में शामिल रहे प्रमुख लोग*
बैठक में विद्यालय के प्रबंधक बिपिन कुमार गुप्ता, अनंत मिश्रा, अरविंद राय, प्रयाग चौहान, आकाश तिवारी, मनोज मोदनवाल, लालबचन तिवारी, लालबचन शर्मा, अरविंद मधुकर, दिनेश सोनी,, अनूप जायसवाल, अमित गुप्ता, रमेश गुप्ता, अवधेश सिंह, अशोक जायसवाल, रविंद्र वर्मा, जितेंद्र सोनी समेत कई लोग मौजूद रहे।
*जनता की निगाहें अब 6 जून पर टिकीं*
अब कस्बे की जनता की निगाहें 6 जून को होने वाली पैमाइश पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि निष्पक्ष कार्रवाई के माध्यम से सच सामने आएगा और जो गलती हुई है, उसकी भरपाई की जाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्षता से पूरा मामला निपटाया जाएगा।
