प्रदीप कुमार पाण्डेय।
गाजीपुर।जनपद के विकास खंड मुहम्मदाबाद परिसर में भारतीय इतिहास की महान शासिका , लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती को अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। ग्राम विकास विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह का मुख्य उद्देश्य न केवल रानी अहिल्याबाई के आदर्शों और कार्यों को स्मरण करना था, बल्कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को भी रेखांकित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और रानी अहिल्याबाई के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके पश्चात सभा की अध्यक्षता कर रहे हरिनारायण ने स्वागत भाषण दिया। संचालन राम जी गिरी द्वारा किया गया।
सभा के मुख्य अतिथि और गाजीपुर के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने अपने संबोधन में रानी अहिल्याबाई होलकर के जीवन की प्रेरणाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वह एक आदर्श शासिका थीं, जिन्होंने नारी सम्मान, धर्मनिष्ठ शासन और समाज कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने रानी अहिल्याबाई को भारतीय नारी शक्ति की प्रतीक बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाएं।
खंड विकास अधिकारी यशवंत राव ने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया कि सच्चे नेतृत्व की कोई जाति या लिंग नहीं होती, बल्कि नीयत और समर्पण ही किसी को महान बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के कल्याण के लिए किए गए रानी के प्रयासों को रेखांकित किया।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन , मनरेगा, और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने इन योजनाओं के लाभों और महिला-हितैषी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों की सराहना की गई।
सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं – संजय सिंह (ए.डी.ओ. आर.एस.बी.), सचिव रवि प्रकाश यादव, राम निवास राय, अशोक राय, नितेश सिंह, नितू सिंह, पूजा, और वीरेंद्र राय (भाजपा) आदि ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने रानी अहिल्याबाई की जीवनी को आज के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए यह संकल्प लिया कि वे उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम में मनरेगा, एन आर एल एम और ग्रामीण आवास योजना से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें से कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे इन योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया।
सभा के समापन पर अध्यक्ष हरिनारायण ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित महिलाओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, और सभी ने रानी अहिल्याबाई के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।
यह आयोजन रानी अहिल्याबाई होलकर के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
