सात माह के दिव्यांशु ने सैनिक पिता दीपक को गंगा तट पर दी मुखाग्नि

MAHARSHI TIMES
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महर्षि टाइम्स \ रिपोर्टर शिव सागर पाण्डेय 

रेवती(बलिया)। हत्या और आत्महत्या के प्रश्नो के बीच दलछपरा निवासी 31वर्षीय सैनिक दीपक का शव शनिवार की सुबह परिजनों ने गंगापुर गंगा नदी के तट पर अंतिम संस्कार संपन्न किया।बड़े भाई आसुतोष ने दीपक के सात माह के बेटे दिव्यांशु को गोद में लेकर मुखाग्नि दिलायी।यह दृश्य देख लोगो की आंखे नम हो गयी।

बीते दो अप्रैल को यूनिट के बाहर गैरेज में फंदे पर दीपक का लटका हुआ शव मिला था।इसकी सूचना मिलने के बाद उसकी पत्नी गोल्डी 7 माह के बेटे दिव्यांशु के साथ सुरतगढ़ राजस्थान पहुंची।वहा उसका बड़ा भाई सैनिक 

आर्मी रानीखेत उत्तराखण्ड आशुतोष पहुंच कर सारी औनपचारिकता पूरी करने के बाद भाई का एबुलेंस से शव लेकर देरसायं घर पहुंचा।देर रात तक शहीद का दर्जा देने के साथ ही गार्ड आफ आनर को लेकर काफी हंगामा हुआ।एसओ रेवती प्रशान्त कुमार चौधरी ने समझाया।किंतु कोई असर नही हुआ।अंत में सीओ बैरिया फहीम कुरैशी की मौजूदगी में एसडीएम बैरिया आलोक कुमार सिंह ने फोन पर डीएम से बात करायी।डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास रिपोर्ट भेज रहा हूं।हर संभव सहयोग किया जाएगा।सैनिक के परिवार के लोगो ने भरोसा कर शनिवार की सुबह दीपक का दाह संस्कार संपन्न किया।

 यूनिट के अधिकारियो से अनबन बनी दीपक के मौत की वजह 

 रेवती ।बीते सितम्बर माह से ही पीने खाने की बात को लेकर यूनिट के मेजर हवलदार रंजीत व नायक एनए अजीत तथा मेजर पंकज और दीपक के बीच अनबन चल रहा था।दीपक के भाई आशुतोष और पत्नी गोल्डी ने बताया कि कुछ विडियो पति के पास था।यही अदावत की वजह बना।पूरे मामले की जांच भी सीओ कर रहे थे।मरने से एक दिन पहले पत्नी और भाई को फोन कर दीपक ने कहा था कि जांच में तीनो फसेगे।वैसे तीनो लोगो का रवैया ठीक नही लग रहा है।इस वार्ता के अगली सुबह आत्महत्या की खबर से परिजन सन्न रह गए।यही वजह है कि इस घटना को हत्या मान रहे है।

 शहीद सैनिक सम्मान न मिलने से आहत है परिजन व गांव के लोग 

रेवती।दीपक के शव को शहीद सैनिक का सम्मान यूनिट द्वारा उपलब्ध न किए जाने से ग्रामीणो के साथ ही परिजन आहत है।

आत्महत्या के केस में केवल शव घर भेजने का नियम के तहत एंबुलेंस से भेजा गया।हालाकि ताबूत पर तिरंगा लगाया गया था।किंतु गार्ड आफ आनर की व्यवस्था न तो यूनिट के तरफ से की गयी थी।

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