रिपोर्ट ओमप्रकाश वर्मा
नगरा(बलिया)। नगर पंचायत नगरा के सिकन्दरपुर मार्ग स्थित काली स्थान के पास इन दिनों भूमि को लेकर प्लाटरों काश्तकारों व राजस्व टीम मे रार ठन गयी है जो थमने का नाम ही ले नहीं रहीं। इस मामले में सोशल मिडिया पर तरह तरह की बहस बाजी हो रही है। जिसमे लोगों के बीच उपजी चर्चा अपने सबाब पर है। इसमें पहली बार भुमि पैमाइश 24 अक्टूबर को एसडीएम के देख रेखा में करायी गयी जिसमे 375 खाता संख्या में मिडिल स्कूल की रकबा क्षेत्रफल 1.802 हेक्टेयर जमीन बतायी जाती है। उक्त खाता नम्बर की भुमि की लम्बाई लगभग 1.5 किमी तक बतायी जाती है जिसमे अनेकों खातेदार हैं। भुमि का पैमाईश के समय अन्य खातेदार भी अपने खाते का दावा मुख्य सड़क के किनारे करते हुए अपनी जमीन होना बताने लगे। लेकिन बताने से किसी की भुमि कहीं तो हो नहीं जाएगी उसके लिए तो लेखपाल द्वारा खसरा खतौनी व ईनदराज रजिस्टर में बकायदा नाम दर्ज होने से होता है। लेखपाल राहुल वर्मा द्वारा नापी से चिन्हित होने के पश्चात उपजिलाधिकारी ने मिडिल स्कूल की भुमि पर खण्ड शिक्षा अधिकारी राम प्रताप सिंह को बोर्ड लगाने का निर्देश दे दिए। सोमवार को मिडिल स्कूल की भुमि शिक्षा विभाग व राजस्व टीम बोर्ड लगवाने पहुंचा तो एक बार फिर तकरार सामने आने लगा और बोर्ड लगाने को लेकर बहस हैने लगी मुख्य प्रशासनिक व्यवस्था के अन्तर्गत मिडिल स्कूल का बोर्ड लगा दिया गया।
375 के खातेदार मे से एक काश्तकार योगेन्द्र यादव ने अपनी जमीन होने की बात पर अड़ते हुए लेखपाल पर हेराफेरी का आरोप लगाया है। अब देखना है कि भुमि विवाद का रार कहां तक जाता है क्योंकि यह मामला तहसील समाधान दिवस पर भी गरमाया रहा। क्षेत्र में एक अजीबो गरीब स्थिति बनी हुई है एक तरफ जनता की जुबान पर भू-माफियाओं का खेल तो तो दुसरे तरफ़ एक ही नम्बर में कई खातेदारों का होना आपसी खिंचतान का कारण बना हुआ है। इन दिनों नगरा नगर पंचायत छाया है भूमाफिया।
