सेनानियों के सम्मान को लेकर आंदोलनकारियों का गुस्सा हुआ तेज
लोगो को लोक सभा में बहस का हो रहा इंतजार
महर्षि टाइम्स रिपोर्ट शिव सागर पाण्डेय
रेवती(बलिया)।स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो की नगरी रेवती को आजादी की स्वर्ण जंयती वर्ष में रेवती स्टेशन बहाली को लेकर अद्धनग्न प्रदर्शन करना पड़ेगा।
मंगलवार के दिन अद्धनग्न प्रदर्शन तो घंटे भर में खत्म हो गया।लेकिन सोंचने के लिए अमीट प्रश्न छोड़ दिया है।रेवती स्टेशन बहाली की मांग के लिए 10 वें भुख हड़ताली के रुप में घरभरन बाबा मंदिर के महंथ सुखारी राजभर बैठे है।अनोखे ढ़ंग से दीपावली और छठ का त्यौंहार के दिन हिन्दु - मुस्लिम की एकजुटता सिंद्ध किया कि जिस प्रकार अंग्रेजो से देश को आजाद कराने के लिए एका होकर सेनानी जंग में कुदे थे।यह उसी का अक्स है।बैनर पर स्वतंत्रता सेनानी क्रमशः जगरनाथ पाण्डेय,श्रीनाथ पाण्डेय,रामपूजन तिवारी,बच्चा तिवारी,रघुराई राम,बेचू पाण्डेय,रामनरेश ओझा सहित 32 लोगो का नाम लगा है जिसने 1942 में इसी स्टेशन को कब्जे में लेकर स्वराज्य का पहला झंडा लहराया था।मीडिल स्कूल पर लगे भारत सरकार के सेनानी स्तम्भ पर 64 लोगो का नाम अंकित है।अन्य नारें के साथ प्रमुख नारा यह भी है कि"सेनानियो के सम्मान में रेवती की जनता मैदान में"अब तक महिलाओ ने रेलमंत्री के प्रतीक को गोधन के रुप में कुटा।नपं. के चेयरमैन प्रतिनिधि कनक पाण्डेय की पत्नी सुनीता पाण्डेय ने मांग पत्र के साथ चुड़ी भेजकर मुद्दे को गरम कर चुकी है।आंदोलन में
मुन्नु कुंवर,महाबीर तिवारी फौजी,व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी,बीरेंद्र गुप्ता चट्टान आदि लोग चट्टान की तरह खड़े है।तीन सपा सांसद सनातन पाण्डेय,रमाशंकर विद्यार्थी,राजीव राय के अलावे बैरिया विधायक जेपी अंचल,बांसडीह भाजपा विधायक केतकी सिंह,पूर्व मंत्री रामगोबिन्द चौधरी,अम्बिका चौधरी,नपं रेवती की चेयरमैन जयश्री पाण्डेय,बांसडीह चेयरमैन सुनिल सिंह,सहतवार चेयरमैन प्रतिनिधि गुड्डु सिंह ने मंच पर आकर बल दिया है। अब लोक सभा में यह मुद्दा गुंजने का इंतजार कर रहे है।
