डा.गया शंकर प्रेमी की काव्यपाठ दहेज वाली कनिया का हुआ विमोचन

MAHARSHI TIMES
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सिकन्दरपुर तहसील क्षेत्र में पहली बार किसी किताब का हुआ विमोचन
काव्य पाठों से कवियों ने बांधा समां बिहार यूपी के कवियों ने सराहा दहेज वाली कनिया की लेखनी

महर्षि टाइम्स 

बलिया। विख्यात कवि डा. गया शंकर प्रेमी की काव्यपाठ दहेज वाली कनिया का विधिवत विमोचन किया गया इस मौके पर बिहार यूपी के अनेक जनपदों के कई विख्यात कवि जुटे और कवि डा.गयाशंकर प्रेमी के सफल प्रयास की जमकर सराहना की रचनाकार ने दहेज वाली कनिया काव्यपाठ को सुनाया और लोगों के बीच दहेज के लिए दुल्हन के साथ होने वाले अत्याचार जैसे सामाजिक अभिशाप को दूर करने में सहयोग करने की अपील की बिहार के विख्यात कवि सम्राट रविंद्र शाहाबादी ने समारोह की अध्यक्षता की जबकि बिहार के कवि उमाशंकर साहू ने सफल संचालन से समां बांध दिया नेहरु युवा सामाजिक उथान सोसाइटी के तत्वाधान में क्षेत्र के माल्दह स्थित पानमति मैरेज हाॅल में आयोजित काव्य पुस्तक विमोचन एवं कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में कवि मौजूद रहें जिन्हें रचनाकार गयाशंकर प्रेमी द्वारा स्वागत एवं स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया मुख्य अतिथि डा.उदयप्रताप पासवान ने दीप जलाकर समारोह की शुरुआत की जिसके बाद मौजूद एक के बाद एक कवि ने अपने काव्य पाठों से समां बांध दिया कवियों द्वारा बलिया की माटी- गजब की माटी..., अपने इन गुलशन में यारों जुल्म को ना फलने देना नफरत के दीवारों को भी हरगिज न बढ़ने देना- जरा देखो शिकारी लगे घात में कहीं पड़ना न जमाने की बात में... मंच को प्रणाम सब पंच को प्रणाम सरपंच को प्रणाम..गउआ के जिंदगी भईल उघार...चमचम चमके चैधरी के चउकठ....तू कह त हादसा के मजहबी उत्पती लिख दिही, तू कह त रात के दिन, दिन के रात लिख दिही, तनी नजराना त दे द... राम धुना में फिरता हूं, मुझे पग पग रावण मिलते है... सोने की लंका नगरी को मैं एक जगह बनवाया है पर तूने तो सोने की लंका नगरी को जगह-जगह बनवाएं हो...सुनाकर विभिन्न सामाजिक विसंगतियों पर जमकर कुठाराघात किया इस दौरान विख्यात कवि अवध बिहारी मितवा चर्चित कवि डा.जनार्दन अली अहमद संगम अभिनव कौशिक बसंती देवी अवनीश कुमार प्रेमी राकेश कुमार दुबे दीवान जी डा.भोला प्रसाद आग्नेय डा.शशि प्रेम देव डा.दिलीप चैहान बागी रामनगीना कुशवाहा डा. फतेहचंद्र बेचैन श्रीराम प्रसाद सरगम डा. रमाशंकर बृजमोहन प्रसाद अनारी राजेंद्र प्रसाद गंवार आदित्य कुमार अंशु प्रभाकर शुक्ल पपीहा जनबा अली अहमद संगम, डा.राजेंद्र प्रसाद विद्रोही अनिल सिंह कवियित्री प्रतिभा यादव अनिल सिंह मुकेश चंचल मन्नू दयालपुरी समेत हजारों लोग मौजूद रहें जिसकी जानकारी अवनीश कुमार प्रेमी ने दी

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