जिला प्रशासन लागातार हो रही गंगा नदी मे डूबने की घटनाओं से कब होगा सचेत ।

MAHARSHI TIMES
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जितेंद्र कुमार सिंह 

बलिया।। जनपद का जिला प्रशासन लगातार हो रही गंगा नदी मे डूबने की घटनाओ से लगता है, सबक न लेने की कसम खा रखी है। प्रशासन को पता है लग्न के सीजन मे मुंडन संस्कार की भी भीड़ रहती है।हजारों की छोड़ियों लाखों की भीड़ गंगा घाट पर पहुंचती है। इतनी भीड़ को कंट्रोल करने के लिये मुट्ठी भर पुलिस के जवान को लगाया जाता है। जिस चीज को प्राथमिकता के साथ लगानी चाहिये, वो एसडीआरएफ की टीम को लगाया ही नहीं जाता है। यही नहीं यहां के स्थानीय गौतखोरो को भी नहीं लगाया जाता है। जिसका परिणाम यह होता है कि जो डूबता है उसके जिंदा बचाने का प्रयास होता ही नहीं है। मौत के देवता यमराज कहे जाते है लेकिन गंगा नदी मे डूबने से होने वाली मौतों के लिये उदासीन अधिकारियों को यमराज कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी। रविवार की सुबह 4 लोगों के डूब कर मरने की घटना के बाद तो यही कहा जा सकता है।

गंगा की गहराइयां बनी यमराज का निवास 

बता दे कि बलिया जनपद में गंगा की गहराई,यमराज का स्थायी निवास  बन चुकी है। शिवरामपुर गंगा घाट पर उस समय चीख पुकार मच गई जब लोग मुंडन संस्कार से जुड़ी परंपरा में व्यस्त थे। इसी दौरान कुछ युवतियां गंगा में स्नान करने गयी जो अचानक गहरे पानी में जाने से डूबने लगी। ये देखते ही दो युवक उन्हें बचाने के लिए  नदी में कूद गए लेकिन यमराज तो मानो पहले से ही अपने दरवाजे पर उनका इंतज़ार कर रहे हो, युवकों ने किसी तरह दो युवतियों को बचा लिया। शायद यह  बात यमराज को नागवार लगी और उन दोनों युवकों को भी अपना शिकार बना लिया। घाट पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया, चारो तरफ चीख पुकार मचने लगी, ऐसा कोई नही था जो उन्हें यमराज के दरवाजे से खींच कर ला सके, घाट पर सब बेबस और लाचार थे। परिजनों के आंखों के सामने दोनों युवक और युवतियां गंगा की कोख में समा गई। कई घण्टो के मशक्कत के बाद मानो यमराज ने शरीर से प्राण अपने पास रख कर निर्जीव शरीर को वापस शव के रूप मे गंगा को सौंप दिया। बारी-बारी से चारो शव नदी से बाहर निकाले गए, जहां थोड़े देर पहले मुंडन संस्कार की खुशियां थी वहां अब अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्मार्टम के लिए भेज दिया। अजीब है लेकिन सच है, पहले गंगा की गहराई मे यमराम ने प्राण हर लिया , शव को गंगा की गोद मे डाल दिया , अब इंसान इन चारों शवो को टुकड़े टुकड़े जांच के नाम पर करने को तैयार है

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