जमीन वापस लेने के लिए बलिया से भरत यादव के नेतृत्व में उत्तराखण्ड रवाना हुए सेनानियो के आश्रित।
शिवसागर पाण्डेय
रेवती(बलिया)।गुलामी से आजादी दिलाने के लिए तन मन धन को निछावर करने वाले रणबाकुरो के परिजनों को सरकार से मिली भूमि वापस कराने के लिए जंग लड़नी पड़ रही है।
रविवार के दिन पूर्वांचल जनता दल के अध्यक्ष भरत यादव के नेतृत्व में सेनानियो के आश्रितो का प्रतिनिधि मंडल उत्तराखण्ड के लिए रवाना हुआ।भरत यादव ने बताया कि बीते साठ व सतर के दशक में स्वतंत्रता सेनानी की आर्थिक स्तर मजबूत बनाने के लिए सरकार से नैनीताल में जमीन एलाट किया था।जिसमें प्रत्येक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो को नैनीताल में 36 से 40 एकड़ के हिसाब से कृषि भूमि सरकार ने दिया था।एलाटमेंट के समय बलिया में सेनानियो की संख्या बलिया में डेढ़ हजार से अधिक थी तथा मात्र 20 प्रतिशत लोग ही जमीन पर काबिज हो पाए।अधिकांश जमीन पर आज भी भू - माफियाओ का कब्जा है।यह प्रतिनिधि मंडल दो सप्ताह के प्रवास के दौरान वहां के मुख्यमंत्री तथा कुमाऊ मंडल के विभिन्न जिलो के डीएम से मिल कर मामले की जांच करते हुए उक्त जमीनो को भू - माफियाओ से मुक्त कराकर सेनानियो के परिवार को दिलाने के लिए मांगपत्र सौपेगा।इस संबंध में पूछे जाने पर सहतवार के सेनानी गंगा माली के बेटे शिवशंकर माली ने बताया कि वर्तमान उधम सिंह नगर जिले के प्रतापपुर और गंगापुर पटिया में 15 एकड़ जमीन मिला था लेकिन हम लोगो को भगा दिया गया।आर्थिक स्थित खराब होने के कारण कब्जा करने में विफल रहे।चौबे छपरा के सेनानी बच्चा तिवारी के भत्तीजा वीरेश तिवारी ने बताया उक्त जिले 36 एकड़ जमीन एलाट हुआ था।लेकिन 11 एकड़ ही जमीन मिला जिसे हम लोग बेच दिए।रेवती निवासी सेनानी जगरनाथ पाण्डेय के पौत्र मुरत पाण्डेय ने बताया कि 40 एकड़ जमीन एलाट हुआ था।वृद्धावस्था के चलते वे नही गए तथा बाद उक्त जमीन पर भू माफियाओ का कब्जा हो गया।इस प्रतिनिधिमंडल में भरत के अलावे रमेश सैनी,संजय सिंह,गड्डु गुप्ता,दयाशंकर यादव आदि लोग शामिल है।
