संवाददाता अजीत कुमार सिंह
बैरिया (बलिया)। बुधवार रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैरिया से मांझी घाट के बीच कई स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारों पर डाली गई मिट्टी बारिश के पानी के साथ बह गई, जिससे जगह-जगह कटान और बड़े गड्ढे बन गए हैं। हालात ऐसे हैं कि सड़क के आसपास आवागमन करने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पहली ही तेज बारिश में मिट्टी धंसने लगी और कई हिस्सों में सड़क किनारे का भाग कमजोर पड़ गया। कटान के कारण रात के समय गुजरने वाले राहगीरों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसका परिणाम अब सामने आने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक्सप्रेसवे अभी से सामान्य बारिश का दबाव नहीं झेल पा रहा है, तो आने वाले दिनों में गंगा और सरयू क्षेत्र में संभावित बाढ़ के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है। क्षेत्र के मनोज कुमार ओझा, प्रवीण सिंह, सोनू कुँवर, सपा नेता शामू ठाकुर ने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि कटान वाले स्थानों पर तत्काल मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराया जाए। वहीं, मामले में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
