ओमप्रकाश वर्मा
नगरा(बलिया)। रसड़ा जिले की प्रबुद्ध जन गोष्ठी का आयोजन सिसवार स्थित कोलंबस इंटरनेशनल स्कूल में हुआ।
इस गोष्ठी में मुख्य रूप से महामंडलेश्वर श्री कौशलेंद्र गिरी,बलिया के विभाग संघचालक माननीय श्री राम प्रताप सिंह जी,रसड़ा जिले के जिला संघचालक माननीय डॉ राम बाबू जी एवं मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक श्रीमान अनिल जी भाई साहब मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया।
अपने संबोधन के माध्यम से मुख्य अतिथि ने कहा कि
डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। इससे पहले 1920 के नागपुर कांग्रेस अधिवेशन में वे सक्रिय थे, वहीं 1928 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में रावी नदी के तट पर पूर्ण स्वराज के प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई। डॉ. हेडगेवार कांग्रेस के अनुशासन और राष्ट्रवाद से प्रभावित थे, पर उन्होंने सामाजिक संगठन को प्राथमिकता दी।
आज देशभर में तिरंगा यात्रा निकल रही है जो एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश देती है। यह यात्रा उन बलिदानों को भी याद करती है जो राष्ट्र के लिए अपने प्राण गवां दिए। १०० वर्षों की यात्रा में पंजाब में आतंकवाद के दौर में संघ की शाखा पर हुआ हमला स्वयंसेवकों के साहस का प्रतीक है। गोलियों की बौछार के बीच भी शाखा नहीं रुकी। केरल में मास्टर सदानंद पर हुआ प्राणघातक हमला वैचारिक संघर्ष की पराकाष्ठा थी, पर विचारधारा मरी नहीं।
2025 में संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर सरसंघचालक ने "पांच परिवर्तन" का आह्वान किया है: सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्य। परिवर्तन पहले व्यक्ति में आएगा, फिर परिवार, समाज और राष्ट्र में। तिरंगा यात्रा इसी व्यष्टि जागरण का माध्यम बन रही है।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत प्रचार प्रमुख श्रीमान सुशील जी,बलिया विभाग के विभाग प्रचारक श्रीमान अम्बेश जी,रसड़ा के जिला प्रचारक श्रीमान अनुपम जी,रसड़ा के नगर विस्तारक श्रीमान श्रेयांश जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तकृष्ट कार्य करने वाले प्रबुद्ध जन एवं मातृशक्ति सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला कार्यवाह श्रीमान सतीश जी ने किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ।

