रिपोर्ट भुपेंद्र श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश । नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का गुस्सा सड़क पर भी दिखा । एक सप्ताह से चल रहा कामगारों का आंदोलन रविवार तक तो शांति पूर्ण तरीके से चला, लेकिन अंदोलन उग्र रूप अख्तियार कर लिया है. सोमवार को नोएडा के कपड़ा ट्रेडर्स के कर्मचारी सड़क पर उतर गए, जिनके गुस्से का शांत कराने के लिए पुलिस ने आंसू गोले भी दागे हैं, लेकिन बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से सटे नोएडा के इंडस्ट्रियल हब में सोमवार को जो हुआ, प्रशासन से लेकर फैक्ट्री मालिकों तक की नींद उड़ा दी, नोएडा फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में वेतन बढाने की मांग को लेकर मजदूरों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया , सोमवार को सुबह जैसे ही फैक्ट्रियों में काम शुरू होने का वक्त हुआ, मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर काम का बहिष्कार कर दिया।
नोएडा श्रमिक आंदोलन के मुख्य बिंदु:-
हिंसक प्रदर्शन: नोएडा के फेज-2 में प्रदर्शनकारी मजदूरों ने पुलिस पर पथराव किया और वाहनों को पलटकर आग के हवाले कर दिया।
हड़ताल का विस्तार: सोमवार सुबह काम के बहिष्कार के साथ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब नोएडा के अन्य हिस्सों और फैक्टरियों में भी फैल गया है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मजदूरों का मांग:-
हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग, उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में वर्तमान वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई:-
पुलिस ने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और भारी पुलिस बल तैनात है। इस घटना ने इंडस्ट्रियल हब में काम-काज को बुरी तरह प्रभावित किया है और अब भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। नोएडा में मजदूरों का आंदोलन वेतन, ओवरटाइम और काम की स्थिति को लेकर चल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर सेक्टर 63, 65, 68 और 80 के इंडस्ट्रियल एरिया में पड़ा है, जहां कई फैक्ट्रियों का काम रुक गया है। इस वजह से कंपनियों को रोजाना लाखों से करोड़ों का नुकसान हो रहा है, खासकर छोटे उद्योग ज्यादा प्रभावित हैं। सप्लाई और डिलीवरी भी लेट हो रही है।अभी प्रशासन और कंपनियां मजदूरों से बातचीत कर रही हैं, लेकिन कई जगह स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। ये आंदोलन अब इंडस्ट्री और बिजनेस दोनों पर बड़ा असर डाल रहा है।
ताज़ा स्थिति :-
नोएडा के फेस -2, सेक्टर 60, सेक्टर 62 और सेक्टर 63 में मजदूरों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा उग्र हुआ है कई जगह पत्थरबाजी, गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई, कुछ मुख्य सड़कों और बॉर्डर (जैसे चिल्ला बॉर्डर) पर जाम में लोग घंटों फंसे रहे।
ट्रैफिक पर असर:-
सेक्टर 62 से एनएच -9 तक लंबा जाम ,दिल्ली-नोएडा रूट और अंदरूनी सड़कों पर भारी भीड़
स्थिति इतनी गंभीर है -
आंदोलन वेतन बढ़ोतरी की मांग से शुरू हुआ ,लेकिन अब कई जगह हिंसक रूप ले चुका है, पुलिस की भारी तैनाती की गई है और हालात कंट्रोल करने की कोशिश जारी है, प्रशासन और मजदूरों के बीच बातचीत भी चल रही है
*आम लोगों पर असर* :-
ऑफिस जाने वालों को भारी दिक्कत ,फैक्ट्रियों में काम बंद , उत्पादन प्रभावित,सप्लाई और डिलीवरी सिस्टम धीमा । नोएडा में मजदूरों का आंदोलन अब सिर्फ मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं—जिससे ट्रैफिक, इंडस्ट्री और आम जिंदगी तीनों प्रभावित हो रहे हैं।

