ओमप्रकाश वर्मा
नगरा (बलिया)। पवित्र रमजान माह के अंतिम शुक्रवार अलविदा जुम्मा के अवसर पर नगरा कस्बे की मक्का जामा मस्जिद (पश्चिम मुहल्ला, वार्ड नंबर-12) में आस्था और इबादत का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर नमाज अदा की। मस्जिद परिसर में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ने लगी और पूरे क्षेत्र में इबादत का पवित्र माहौल दिखाई दिया। नमाज के दौरान रोजेदारों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर देश, प्रदेश और पूरे क्षेत्र में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली की दुआ मांगी। अलविदा जुम्मा की नमाज को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। नमाज के समय मस्जिद परिसर में अनुशासन और शांति का वातावरण बना रहा। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मौके पर एसडीएम रवि कुमार, सीओ आलोक कुमार गुप्ता और थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम पर पैनी नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने मस्जिद परिसर और आसपास के इलाकों का जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। पुलिस बल की मौजूदगी से लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी बना रहा। नमाज शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग और मुस्लिम समुदाय के प्रमुख सदस्य भी नमाज में शामिल हुए। इनमें मोहम्मद यूनुस, नफीस हाशमी, जैनुल आबेदीन, पप्पू कुरैशी, इम्तियाज अहमद, नजीर हुसैन, जिया-उल-हक, जुबेर, आकिब अख्तर, अख्तर अली, अनवर अली, मुश्ताक, कुर्बान, एहसान, परवेज अली और कैफ अली प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा एडवोकेट शफीक अहमद, मौलाना गुलाम नबी आजाद, जाबिर हुसैन, नासिर, असलम, रिजवान, सुलेमान, असलम दानिश, दानिश अख्तर, शमीम और नईम अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को अलविदा जुम्मा की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। लोगों ने कहा कि रमजान का यह मुकद्दस महीना इंसानियत, सब्र और भाईचारे का पैगाम देता है। नमाज के बाद कई लोगों ने क्षेत्र की तरक्की और शांति के लिए भी दुआएं कीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों से आपसी सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान नगरा कस्बे में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा, जिसने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आस्था और इंसानियत जब साथ चलती है तो समाज में सद्भाव और भाईचारा और मजबूत होता है।


