बलिया। छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत जनपद के शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्य/छात्रवृत्ति नोडल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं सोशल सेक्टर के अधिकारियों के साथ मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विस्तृत समीक्षा की गयी। छात्रवृत्ति योजना में खराब प्रगति करने वाले शिक्षण संस्थाओं को लापरवाही बरतने का कारण बताने के कड़े निर्देश दिये गये। संस्थाओं द्वारा छात्र/छात्राओं का हार्ड कापी ना दिये जाने तथा बायोमैट्रिक के लिए समय से उपस्थित नही होना, प्रमुख कारण बताया गया। इस संबंध में स्पश्ट रूप से निर्देशित किया गया कि छात्र का नामांकन संस्था में हैं तो उन्हे हार्ड कापी एवं बायोमैट्रिक के लिए सूचित करना संस्थान की जिम्मेदारी है। कालेज द्वारा दूरभाश के साथ साथ नोटिस के माध्यम से छात्र/छात्राओं को हार्डकापी एवं बायोमैट्रिक के लिए निरन्तर प्रयास करना होगा अन्यथा की दशा में छात्र/छात्राओं का कोई आवेदन लंबित रहता है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संस्था के प्रचार्य एवं छात्रवृत्ति के नोडल की होगी। यदि आगामी दो दिवसो में अपेक्षित प्रगति नही होती है तो ऐसे संस्थाओ के विरूद्व कड़ी कार्यवाही के साथ मान्यता निरस्त करने की संस्तुति कर दी जाएगी। कक्षा 9-12 के संस्थाओं के लिए 13 दिसंबर, 2025 तक वेबसाईट चलेगी, अतः माध्यमिक के सभी कालेज अपनी लॉगिन के समस्त छात्रवृत्ति आवेदनों का निस्तारण ससमय पूर्ण करना सुनिश्चित करेगें। उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए आवेदन की अन्तिम तिथि 20 दिसंबर, 2025 है। अतः निर्धारित तिथि तक के सभी आवेदनों का निस्तारण संस्था स्तर से प्रतिदिन किया जाना अपेक्षित है।
जनपद स्तर पर योजनान्तर्गत सबसे अधिक लंबित आवेदनों वाले संस्थाओं का विवरण निम्नवत् है-
1. सतीश चन्द्र कालेज, बलिया।
2. श्री सुदिश्ट पुरी पी0जी0 कालेज, रानीगंज, बलिया।
3. अमरनाथ मिश्रा पी0जी0 कालेज, दुबेछपरा, बलिया।
4. संत ग्राम्यांचल महाविद्यालय, सुरही, नरही, बलिया।
5. किसान महाविद्यालय, रक्सा रतसर, बलिया।
6. जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया।
7. श्री नरहेजी महाविद्यालय नरही, रसड़ा, बलिया।
8. बजरन महाविद्यालय दादर आश्रम, सिकंदरपुर, बलिया।
9. मॉ कस्तुरी महाविद्यालय, नवानगर, बलिया।
10. मथुरा डी0 सी0 रसड़ा बलिया।
उपरोक्त संस्थाओं के प्राचार्य/प्रधानाचार्य एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों द्वारा छात्रों के आवेदन लंबे समय तक लंबित रखें जाने के कारण कड़ा रोश प्रकट करतें हुए संबंधित संस्थाओं को 03 कार्य दिवस में अपना स्पश्टीकरण उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।
