नगरा (बलिया)। इन दिनों रात मे नगरा बाजार में बन्दरों व आवारा सांडों का आतंक बढ़ गया है, जिससे सब्जी कारोबारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही ये सांड बाजार में सक्रिय हो जाते हैं और सब्जियों फलों को नुकसान पहुंचाते हैं। नगर पंचायत नगरा के पास इन्हें पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है।
नगरा बाजार क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र है, जहां नगरा-रसड़ा मार्ग पर सब्जी मंडी लगती है। यहां नगर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग खरीदारी के लिए आते हैं। पहले एक सांड परेशानी का कारण था, लेकिन अब इनकी संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे समस्या गंभीर हो गई है।ये छुट्टा पशु न केवल सब्जियों को अपना निवाला बनाते हैं, बल्कि उन्हें इधर-उधर बिखेर भी देते हैं। रात में फल व सब्जी कारोबारी अपनी सामग्री को प्लास्टिक की चट से ढककर जाते हैं, लेकिन सांड उन्हें फाड़कर सब्जियां खा जाते हैं। इसके अलावा, ये सांड राहगीरों और खरीदारों पर भी हमला कर सकते हैं।
सब्जी कारोबारी अब्दुल्ला ने बताया कि सांडों के आतंक से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, "हम रात को सब्जियों को अच्छी तरह से ढक कर घर जाते हैं, लेकिन सड़कों पर घूम रहे आवारा सांड उन्हें नष्ट कर देते हैं, जिससे विक्रेताओं को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचता है।"एक अन्य सब्जी कारोबारी डब्लू ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सांडों के कारण प्रतिदिन काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि ये सांड सब्जियां खाने के साथ-साथ उन्हें फैला देते हैं और प्लास्टिक की चादरें भी फाड़ देते हैं। सरकार द्वारा छुट्टा बछड़ों और सांडों को पकड़कर गोशाला में भेजने का निर्देश भी नगर पंचायत कार्यालय नगरा में लागू नहीं हो पाया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से इन आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
