रजनीश श्रीवास्तव
सिकंदरपुर (बलिया): प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत सिकन्दर पुर नगर पंचायत में आवास आवंटन प्रक्रिया पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। वार्ड संख्या-1 की सभासद श्रीमती निर्मला देवी ने नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित लेखपाल पर आरोप लगाया है कि आवास सत्यापन के नाम पर अपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि वास्तविक पात्र लाभार्थी अब भी आवास से वंचित हैं।
निर्मला देवी द्वारा 3 जून को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि नगर पंचायत द्वारा डोर-टू-डोर फार्म भरवाए गए थे, और सभी आवेदकों से पूर्ण दस्तावेज जमा कराए गए थे। इसके बावजूद जांच सूची लेखपाल को सौंपे जाने के बाद पात्रों को अपात्र करार दिया गया और अपात्र लोगों को पात्र घोषित कर दिया गया।
सभासद के अनुसार उनके वार्ड में लगभग 60% आबादी अनुसूचित जाति से आती है और अधिकतर लोग अत्यंत गरीब हैं, जिन्हें योजना का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए था। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पूर्व 19 मार्च 2025 को उपजिलाधिकारी को भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।
निर्मला देवी ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पंचायत व लेखपाल की मिलीभगत से 465 की सूची में मात्र 114 लोगों की सूची बनाई गई है उसमें भी हेरफेर कर अपात्रों को लाभ दिलाया जा रहा है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद अभी भी झोपड़ियों, प्लास्टिक के शेड व जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।
सभासद ने शासन से मांग की है कि पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।
