25 हजार लोग स्वच्छ पेयजल को तरसे
ओमप्रकाश वर्मा
नगरा(बलिया) नगर पंचायत नगरा में एक करोड रुपए की लागत से बनी पानी टंकी 18 साल से बेकार पड़ी है. इस टंकी का लोकार्पण 2006 में हुआ था. 25 हजार की आबादी वाले क्षेत्र में लोग स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान है. जब से टंकी बनी तब से आज तक किसी को एक बूंद पानी मयस्सर नहीं हुआ. 2020 में ग्राम पंचायत नगरा को नगर पंचायत का दर्जा मिला. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अब टंकी चालू हो जाएगी. नगर पंचायत ने टंकी की रंगाई पुताई कराई और पुरानी क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जगह नई पाइपलाइन भी बिछाई लेकिन टंकी को चालू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. पहले बाजार में बिछी पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज थी. नलकूप चालू करने पर पानी सड़कों पर बढ़ जाता था. नगर पंचायत द्वारा नई पाइपलाइन बिछाने के बाद भी अब तक किसी के घर में साफ पानी नहीं पहुंचा है. गर्मी का मौसम चल रहा है, विद्युत आपूर्ति की स्थिति भी ठीक नहीं है और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सख्त जरूरत है. नगर पंचायत हमेशा लोगों को शीघ्र पानी टंकी चालू करने का आश्वासन देता है किंतु कुछ होता नहीं है. नगर वासियों का कहना है कि नगर पंचायत इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है. जनहित में इस टंकी को जल्द चालू करवाना आवश्यक है. स्थानीय लोगों के दिमाग में यह प्रश्न कौंध रहा है कि आखिर कब टंकी चालू होगी और उन्हें सरकार की मंशा के अनुरूप स्वच्छ पानी कब तक उपलब्ध होगी.
