जे एन सी यू मे शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि

MAHARSHI TIMES
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महर्षि टाइम्स 

बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में विश्विद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग द्वारा शहीद दिवस पर सर्वोच्च बलिदान देकर अमर हो जाने वाले क्रांतिकारी शहीद - ए - आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी गई । इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ० अजय कुमार चौबे ने क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र की प्रगति में अपना सर्वोत्तम योगदान के लिए तैयार होने हेतु नियमित कक्षाओं में उपस्थित होकर अध्ययन व विविध गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु छात्रों को प्रेरित किया । कुलानुशासक डॉ० प्रियंका सिंह ने साथियों सहित भगत सिंह के अमर बलिदान को याद दिलाते हुए छात्रों को अनुशासित रहकर राष्ट्र की प्रगति के  लिए निरंतर प्रयासरत रहने को प्रेरित किया । राजनीति विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रो० डॉ० अनुराधा राय ने क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेकर अपने कर्त्तव्य के प्रति ईमानदार प्रयास करने की प्रेरणा छात्रों को दिया । राजनीति विज्ञान विभाग के ही डॉ० छविलाल ने भगत सिंह , राजगुरु , सुखदेव सहित जतिन दास के बलिदान को नमन किया । मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग की छात्रा श्वेता वर्मा ने क्रांतिकारी आन्दोलन : वैचारिकी , गतिविधियाँ और परिणाम विषय पर  भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी दौर की तथ्यों सहित गंभीर चर्चा करते हुए काकोरी ट्रेन एक्शन , लाला लाजपतराय राय पर साईमन कमीशन का विरोध करने पर हुए भीषण लाठी चार्ज और उनकी शहादत के बाद भगत सिंह , राजगुरु और चंद्रशेखर आजाद द्वारा स्कॉट समझ कर सांडर्स की गोली मारकर अंग्रेजी अत्याचार का बदला लेना , ट्रेड डिस्प्यूट बिल व पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में अप्रैल 1929 में असेम्बली में बटुकेश्वर दत्त के साथ भगत सिंह द्वारा बम फेंक कर गिरफ्तारी दिया जाना और 23 मार्च , 1931 को फाँसी से पूर्व अपने वकील प्राण नाथ मेहता द्वारा लाई पुस्तक रेब्ल्यूशनरी लेनिन पढ़ते हुए अंतिम संदेश पूछे जाने पर इंकलाब ज़िंदाबाद , साम्राज्यवाद मुर्दाबाद का संदेश भगत सिंह द्वारा देने की बात कही गई । छात्र शाश्वत राय ने भगत सिंह की वैचारिकी की गंभीर चर्चा करते हुए चौरी चौरा की घटना के बाद गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन की वापसी के बाद भगत सिंह द्वारा क्रांतिकारी मार्ग का चुनाव , मै नास्तिक क्यों हूं सहित  हिन्दुस्तान रिपब्लिकन आर्मी , हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन तथा उनके द्वारा  3 मार्च 1931 को अपने भाई को लिखे पत्र का भी जिक्र किया । लक्ष्मी गुप्ता , अनन्या  सिंह द्वारा गीत गाकर श्रद्धांजलि दी गई । कार्यक्रम में निदेशक शैक्षणिक डॉ० पुष्पा मिश्रा सहित राजनीति विज्ञान व बी.बी.ए. के भी छात्र सक्रिय भागीदारी रही । संचालन आनंद देव राणा और धन्यवाद् डॉ० शैलेन्द्र कुमार सिंह ने ज्ञापित किया ।

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