विकास खण्ड नगरा व पन्दह में 521584 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
महर्षि टाइम्स
बलिया। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन जिला अस्पताल के सभागार में शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी विजय पति द्विवेदी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लिम्फेटिक द्वारा फाइलेरियासिस (हाथी पांव) के उन्मुलन के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) का आयोजन किया जा रहा है, जो 10 से 25 फरवरी तक चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत, लक्षित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा। लिम्फेटिक फाइलेरियासिस एक गंभीर बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। इस बीमारी के कारण शरीर के लटकते हुए अंगों में सूजन आ जाती है जिससे व्यक्ति को विकलांगता का सामना करना पड़ता है। फाइलेरिया के लक्षण संक्रमण होने के 05 से 15 वर्षों के बाद नजर आते हैं, यह एक बीमारी है, आपके शरीर में फाइलेरिया के कीटाणु पहले से उपस्थित थे जो अब मर रहे हैं, इसे शुभ संकेत माना जाए, किसी भी परेशानी के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर बनी रैपिड रिस्पॉन्स टीम से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि जनपद में यह अभियान सिर्फ ब्लॉक नगरा और पन्दह में चलेगा, जिसमें 521584 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। जिसके लिए 465 टीमें बनाई गयी हैं, जो घर घर जाकर दवा का सेवन कराएंगी। वर्तमान में जनपद में 4886 फाइलेरिया के मरीज हैं। इसका कोई इलाज नहीं है। ऐसे में बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है। सर्वजन दवा सेवन अभियान में खिलाई जा रही दवाओं के सेवन से इसे रोका जा सकता है। इस वर्ष यह अभियान जनपद के सिर्फ दो ब्लॉक पन्दह और नगरा में चलाया जाएगा। क्योंकि गत वर्ष हुए अभियान के बाद चलाए गए नाइट ब्लड सर्वे में इन ब्लॉक में माइक्रो फाइलेरिया रेट एक से अधिक आया है, जबकि बाकी जगह एक से कम आया है। एमडीए अभियान केतहत, स्वास्थ्य कार्यकर्ता इन ब्लाको में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं (डीईसी और एल्बेंडाजोल) खिलाएंगे। दवा सिर्फ एक साल से छोटे बच्चे, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति और गर्भवती को नहीं खानी है। यह दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
