महर्षि टाइम्स
बलिया। शनिवार को 456 युवा भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पासिंग आउट परेड के बाद सेना में अफसर बन गए। इनमें जिले के सोहाँव विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा चौरा के रहने वाले अनुराग सिंह भी शामिल हैं। बतौर लेफ्टीनेंट बने अनुराग के कंधे पर सितारे सजाने के बाद उनके पिता सेवानिवृत कैप्टन लक्ष्मण सिंह व माँ रेखा सिंह गौरवान्वित महसूस कर रहे है ।
लेफ्टिनेंट अनुराग सिंह के पिता लक्ष्मण सिंह 2018 में कैप्टन के पद से सेवानिवृत हुए। पिता सिपाही से कैप्टन तक का सफर प्रमोशन करते हुए तय किये, जबकि बेटे अनुराग ने पहली ही परीक्षा में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर लिया। लेफ्टिनेंट अनुराग की प्रारंभिक शिक्षा 1 से 12वीं तक केंद्रीय विद्यालय मेरठ में हुई। अनुराग ने यह साबित कर दिया कि अगर लगन और मेहनत से पढ़ाई की जाए तो कोई भी परीक्षा और किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। महज 22 वर्ष की उम्र मे अनुराग ने अपने घर से तैयारी करके इस मुकाम को हासिल कर लिया। वर्ष 2020 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके बाद उनका पुणे में तीन साल तक प्रशिक्षण चला। साल भर उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में कठिन प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शनिवार को पासआउट होकर अनुराग लेफ्नेिंट बन गए। उनके सैन्य अफसर बन जाने पर गाँव में खुशी का माहौल है। गाँव के घर पर रह रहे उनके चाचा जयराज सिंह और राम रूप सिंह ने बताया की दिनभर बधाई देने वाले लोगों का ताता लगा हुआ है। पहचानने वाले लोग उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दे रहे हैं। लेफ्टिनेंट बने अनुराग सिंह के पिता कैप्टन लक्ष्मण सिंह ने बताया कि हमारे बेटे ने अपने दादा स्वर्गीय राम इकबाल सिंह जी के सपने को साकार किया है। क्योंकि अनुराग के दादाजी हमेशा कहते थे कि अनुराग अपने पिता से भी एक दिन बड़ा आदमी बनकर दिखाएगा।

