महर्षि टाइम्स
रसड़ा(बलिया) समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रसड़ा मेें गुरुवार को दोपहर में अफरा तफरी का महौल तब मची की,जब डाक्टर के चेम्बर दवा कराने के ध्येय से पहुंचे मरीज एक व्यक्ति व चीफ फार्मासिस्ट से बाता बाती गाली गलौज के बाद हाथापाई होते होते मारपीट में तब्दील होकर मारपीट होने लगी जिसे ओपीडी में मौजूद लोगो के बीच बचाव कर मामला को शांत कराया गया। मारपीट होने से जिसमें दोनो लोगो को चोट आयी मारपीट में घायल हुए दोनो पक्षो के तरफ से कोतवाली में तहरीर दे कर पुलिस से कार्यवायी की मांग की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रभाकर गुप्त पुत्र बद्रीनाथ निवासी नसीरपुर थाना रसड़ा ने थाना कोतवाली में तहरीर दी और आरोप लगाया है कि वह गुरुवार को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा मे तबीयत खराब होने पर अपना इलाज कराने लिए रसड़ा। अस्पताल आया था जिसे डाँ. विनोद कुशवाहा के चेम्बर में पर्ची लगाया था इसी बीच मेरे आने की जानकारी होने पर चीफ फार्मासिस्ट अनिल कुमार राय अपने साथ अज्ञात दस लोगो के साथ आये और हमें गाली देते हुए स्टूल व गला दबाते हुए लात घूसो से मारने लगे जान से मारने की धमकी भी दिए। दूसरी तरफ से चीफ फार्मासिस्ट अनिल राय के द्वारा दी गयी शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि जब मै अपने आवास से दोपहर में निकल रहा था तो नसीरपुर रसड़ा निवासी डी फार्मा का पूर्व प्रशिक्षु प्रभाकर गुप्त हम पर बेवजह हम पर हमला कर दिया अनासय हमसे उलझ गया और मारपीट करने लगा इस घटना को देखकर यहां आस पास के बहुत सारे लोग इकट्ठा हो गये और बीच बचाव किए इस दौरान वह अपना मोटर साइकिल छोड़कर भाग गया
इस घटना के सन्दर्भ में बताते है कि लगभग दो दशक से रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र रसड़ा में रहने वाले फार्मासिस्ट अनिल कुमार राय कातबादला(ट्रांसफर) इधर बीते दिनो में सोनबरसा अस्पताल में हो गया है 23 दिसम्बर को उन्हें रिलीव भी कर दिया गया है बावजूद रसड़ा में छुट्टी लेने के बाद भी सीएचसी पर पड़े है यह एक अपने आप में एक बड़ा सवाल है मारपीट में लोगों चर्चा के अनुसार चीफ फार्मासिस्ट अनिल कुमार राय का (तबादला) ट्रांसफर का भी चर्चा है लोगो में चर्चा है यह है कि डी फार्मा पूर्व प्रशिक्षु प्रभाकर गुप्त उच्च अधिकारियो को शिकायती पत्र देकर फार्मासिस्ट अनिल कुमार राय का स्थानांतरण करवाया है जिसे इसको लेकर यह घटना घटित हुई सच्चाई क्या है वर्षो रसड़ा हास्पीटल हो या कोई अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी व कर्मचारी रसड़ा छोड़ कर जाना नहीं चाहते वैसे अब देखना है कि दोनो पक्षो की ओर से पड़े शिकायती पत्र पर पुलिस क्या कार्यवाई करती है सही व निष्पक्ष या फिर पक्षपात पूर्ण कार्यवाई करती है।समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा किसी भी पक्ष पर कोई कार्यवाई नही की गयी थी
