बाबा रामदल सूरजदेव फार्मेसी कालेज में प्रशिक्षुओं ने प्रस्तुत किए विविध कार्यक्रम
महर्षि टाइम्स
रसड़ा (बलिया) आज के दौर में चिकित्सा को व्यवसाय बना कर रख दिया गया है अपितु इसमें सेवा भाव से कार्य करना मानवता धर्म है जिसे को व्यवसाय न बनाकर चिकित्सा व्यवसाय नहीं है अपितु मानवता की सेवा का परम आदर्श माध्यम है। इसी आदर्श सेवा भावना के साथ प्रशिक्षण के पश्चात सभी प्रशिक्षु मरीजों की सेवा करनी चाहिए ताकि प्रशिक्षण व जीवन के वास्तविक उद्देश्यों का चरितार्थ संभव हो सके । बाबा रामदल सूरजदेव फार्मेसी कालेज पकवाइनार-रसड़ा में बुधवार को बी फार्मा व डी फार्मा छात्र-छात्राआें द्वारा नवागत प्रशिक्षुआें के सम्मान में आयोजित विविधि सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेश शिवेंद्र बहादुर सिंह ने उपर्युक्त बातें कहीं।
सर्व प्रथम उन्होंने प्रधानाचार्य श्रीनिवास पांडेय संग मां सरस्वती के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभरंभ किया। प्रधानाचार्य श्रीनिवास पांडेय ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में आकर धन अर्जित करने का लोभ सेवा भावना की हत्या है। ग्रामीण अंचल में स्थित इस संस्थान का उद्देश्य धनोपार्जन नहीं अपितु इस क्षेत्र के छात्र-छात्राआें को चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्म निर्भर बनाना है ताकि वे समाज की बेहतर ढंग से सेवा कर सकें। इस दरम्यान बी फार्मा व डी फार्मा के प्रशिक्षु छात्र-छात्राआें द्वार चिकित्सा के क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता सहित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर सभी को जागरूक करने करने का कार्य किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभगियों को प्रशिस्त प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। अनुप गुप्ता, नूरजहां, पीसी मौर्या, सुमन यादव, राजाराम, गजेंद्र, नितेश सिंह आदि रहे।


