महर्षि टाइम्स
नगरा(बलिया)। लेखपाल द्वारा नगरा में उड़ाई गई शासनादेश की धज्जियां तो लोगों ने आवाज उठाकर विरोध जताया। जहाँ लगातार तीन साल रहने के बाद लेखपाल राहुल कुमार वर्मा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर हटा दिया गया था। सुत्रो की माने तो लेखपाल के द्वारा भूमाफियों से मिलकर सरकारी जमीनों को इधर उधर करने में खंड शिक्षा अधिकारी व बीजेपी नेता प्रवीण सिंह की शिक़ायत पर एसडीएम ने जब जाँच की तो पता चला कि लेखपाल के द्वारा निलम्बित होने के बावजूद भी एक ही जगह पर रहकर उसको अपना अड्डा बना लिया था, जिसकी रिपोर्ट पर उसको वहा से हटाया गया गया हटने के बाद लेखपाल राहुल कुमार वर्मा ने अपने पावर का प्रयोग करते हुए भूमाफियों के संरक्षण में फिर उसी जगह पर सात महीने बाद अपनी पोस्टिंग कराकर ली है। पहले से आदती राहुल सरकार की फरमान की परवाह किए बिना अपने उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश की आदेश की धज्जियां उड़ा़ई है। बल्कि फिर उसी गोरखधंधे में संलिप्त होकर अपनी हेकड़ी जमा ली है। शासनादेश की माने तो कोई भी लेखपाल एक क्षेत्र में 3 साल काम कर सकता है, वही तहसील में कही भी दस साल रह सकता है, फिर आखिर क्या ऐसा लगाव है कि उसी क्षेत्र में लेखपाल का प्रेम बारम्बार उमड़़ रहा है। भाजपा नेता प्रवीण सिंह ने शासन प्रशासन है मांग की है कि अगर लेखपाल की जाँच हो जाए तो सारी सच्चाई सामने आ सकती है।
